मुकदमा के दौरान एक आरोपी की हो चुकी है मौत
बारह साल पहले हुई हत्या के मामले की सुनवाई पूरी करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम गोपाल उपाध्याय ने शनिवार को दोष सिद्ध तीन आरोपियों को दस-दस साल कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसी मामले के एक आरोपी रामचंद्र की मौत मुकदमा के दौरान हो गई।
हत्या की वारदात खुदागंज थाना क्षेत्र के गांव जिगनियां में 27 मार्च, 2004 को रात आठ बजे हुई थी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, वादी महेश का ममेरा भाई मोहन मोहल्ले के बनवारी भुर्जी की दुकान पर बीड़ी लेने गया था। दुकान पर पहले से बैठे गांव के रामचंद्र, रामस्वरूप, नन्हे और रघुवीर ने गाली देते हुए कहा कि इसी ने उसके यहां चोरी की है। मोहन ने ऐतराज किया तो ये लोग झगड़ा करने लगे। शोरगुल पर परिवार के रामभरोसे और चेतराम मौके पर पहुंचे। उसी समय चारों आरोपियों र्ने इंटें मारकर मोहन, रामभरोसे और चेतराम को घायल कर दिया। गंभीर रूप से घायल हो जाने से रामभरोसे की मौके पर ही मौत हो गई।
वादी की तहरीर पर रामचंद्र, रघुवीर, रामस्वरूप और नन्हे के विरुद्ध धारा 304, 336, 504 भादसं के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। सरकारी वकील सुनील सिंह द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया।