शनिवार रात डकैतों ने गांव नवाबपुरा गंगा के एक घर पर धावा बोल दिया। डकैत परिवार के लोगों को गन प्वाइंट पर लेकर 60 हजार की नकदी सहित लगभग चार लाख रुपये का माल ले गए। डकैत दो घंटे तक घर में तांडव करते रहे। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव नवाबपुर गंगा निवासी किसान मुकेश सक्सेना ने बताया कि उनका घर बाजार के पास मेन रोड पर है। रात में लगभग साढ़े बारह बजे डकैत पड़ोसी अमर सिंह के निर्माणाधीन मकान के जीने से होकर घर में घुस आए। डकैतों ने सबसे पहले एक कमरे में सो रहे मुकेश के भाई अवधेश और उनके चार बच्चों को गन प्वाइंट पर ले लिया। इन सभी को शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देकर मुकेश के कमरे का दरवाजा खुलावा लिया। दरवाजा खोलते ही डकैतों ने मुकेश और उनकी पत्नी रेखा को बंधक बना लिया। इसके बाद डकैतोें में लूटपाट शुरू कर दी। डकैतों ने घर से 60 हजार की नकदी लूट ली। इसके बाद मुकेश से अलमारी की चाबी मांगी। इंकार करने पर उनकी पिटाई कर दी। डकैतों ने अलमारी से पांच जोड़ी पायल, तीन जोड़ी सोने के कुंडल, दो फूल, एक अंगूठी, एक चेन, मांगबेंदा, दो कमर बिछुआ, चिमटी, हथफूल, सोने के पांच सिक्के, एलसीडी, बैटरी, तीन मोबाइल सहित करीब चार लाख रुपये का माल समेट लिया। लगभग ढाई बजे बदमाश चले गए तब मुकेश ने डायल-100 पर पुलिस को सूचना दी। चार बजे पुलिस गांव पहुंची और घटना की जानकारी लेने के बाद लौट गई। इसके बाद रविवार सुबह मुकेश ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मुकेश ने बताया कि बदमाश डीसीएम से आए थे। उसे उन्होंने बाजार में खड़ा कर दिया था। घर में चार डकैत घुसे थे। कुछ डकैत डीसीएम के पास और घर के बाहर खड़े रहे।
पुलिस के लिए मुसीबत बन सकता है डीसीएम वाला गिरोह
डीसीएम से चलने वाले डकैतों का गिरोह पुलिस के बड़ी मुसीबत बन सकता है। अपना वाहन होने के कारण डकैत घटना के बाद आसानी से दूर निकल जाते हैं, इस कारण पुलिस को उन्हें पकड़ना आसान नहीं होगा। डीसीएम वाले डकैत गिरोह के सदस्य काफी शातिर बताए जाते हैं और अपने साथ भारी संख्या में कारतूस आदि लेकर चलते हैं। गांव नवाबपुर गंगा निवासी मुकेश सक्सेना ने बताया कि डकैत गिरोह काफी शातिर था और वह लोग बार बार जान से मार देने की धमकी दे रहे थे। मुकेश के अनुसार चार डकैतों के पास भारी संख्या में कारतूस थे। डकैतों ने कारतूस भरी पेटियां अपने सीने पर बांध रखी थीं। तीन डकैत ढाठा बांधे हुए थे, जबकि गोल चेहरे वाले डकैत का मुंह खुला हुआ था और वही सबका नेतृत्व कर रहा था। रात में वाहनों की सघन चेकिंग होने पर ही गिरोह के लोगों को पकड़ा जा सकता है, लेकिन फिलहाल तो क्षेत्र में रात में वाहन चेकिंग होती नहीं दिखती है।