शराब के नशे में एक व्यक्ति ने गांव ददिउरी निवासी 30 वर्षीय सुरेश कुमार को लात घूसों से तब तक पीटा, जब तक उसने दम नहीं तोड़ दिया। साप्ताहिक बाजार में हुई इस घटना को सैकड़ों लोग तमाशबीन बनकर देखते रहे, लेकिन किसी ने भी बीच बचाव का प्रयास नहीं किया। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। नशे में धुत आरोपी जसवंत को पकड़कर हवालात में डाल दिया गया।
बुधवार दोपहर बंडा की साप्ताहिक बाजार में शोर होने लगा तो तमाम लोग मौके पहुंचे। लोगों ने देखा कि दो लोग एक दूसरे को लात घूसों से मार रहे हैं। दोनों मरने मारने पर उतारू थे, लेकिन मौके पर मौजूद भारी भीड़ में किसी ने भी बीच बचाव करने की जरूरत नहीं समझी और झगड़े का मजा लेते रहे। कुछ देर बाद एक युवक मौके पर गिर पड़ा और तड़पने लगा। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की जानकारी मिलते ही बाजार में भगदड़ मच गई और लोग पुलिस के जवाबों से बचने के लिए मौके से खिसक लिए। बाद में मृतक की पहचान गांव ददिउरी के सुरेश के रूप में हुई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। आरोपी की पहचान आजमगढ़ के जसवंत के रूप में हुई है।
पति की हत्या की खबर पाकर मौके पर रोती बिलखती पहुंची सुरेश की पत्नी चुनमुन ने बताया कि उसका पति बुधवार दोपहर बाइक से बंडा गया था। बंडा में उसे कौन मिला और किस बात पर सुरेश और हत्यारे के बीच झगड़ा हुआ, इसकी जानकारी उसे नहीं है। सुरेश की मां शीला देवी के मुताबिक सुरेश की शादी तीन वर्ष पहले बिहार के जिला समस्तीपुर के गांव पड़सारा निवासी चुनमुन के साथ हुई थी। मृतक सुरेश के अलावा दो बहनें हैं। मौके पर पहुंची बहन रेखा और सुषमा का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक के पिता श्यामलाल की पहले ही मौत हो चुकी है। एसओ राजीव मिश्रा ने बताया कि आरोपी का नशा उतरने पर हत्या के कारणों के बारे में और आरोपी के नाम, पते की पुष्टि की जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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हत्यारे और मृतक ने साथ-साथ पी शराब
बंडा। सुरेश की हत्या के बारे में कुछ लोगों ने नाम नहीं छापने की बात कहते हुए बताया कि मृतक और आरोपी दोनों ने पहले गांव ताजपुर जाकर कच्ची शराब पी। उसके बाद तीन बजे बंडा की बाजार में पहुंचे और झगड़ा करने लगे। जसवंत सुरेश पर भारी पड़ा और उसने लात घूंसों से पीटकर सुरेश को मौत के घाट उतार दिया। इस घटना को स्थानीय दुकानदारों समेत सैकड़ों लोग देखते रहे, लेकिन किसी ने शराबियों के बीच हो रही मारपीट में जाने की जरूरत नहीं समझी। सुरेश की मौत के बाद जसवंत मृतक को अपना बहनोई और बाद में दोस्त बताता रहा। आरोपी ने बताया कि वह आजमगढ़ का रहने वाला है और स्थानीय बिजली उप केंद्र के एक कर्मचारी से उसकी दोस्ती है। वह कई दिनों से दोस्त के कमरे पर ही रुका था। आरोपी यह नहीं बता रहा है कि उसने सुरेश की हत्या क्यों की है। सुरेश के परिजनों ने भी आरोपी को पहचानने से इंकार कर दिया है।
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लोग बचाव करते तो नहीं मरता सुरेश
देवकली। भरे बाजार सुरेश की हत्या ऐसे लोगों के मुंह पर तमाचा है, जो मौके पर मौजूद रहकर तमाशबीन बने रहे। यदि लोग जसवंत को डपट देते और बीचबचाव कर देते तो सुरेश की जान नहीं जाती, लेकिन किसी ने भी दोनों को झगड़े से मना करने और बचाव का प्रयास नहीं किया।