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फर्जी अंकपत्र बनाने के आरोप में पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज 

Tue, 28 Feb 2017 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।
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फर्जीबाड़ा - फोटो : अमर उजाला
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कांट में खोल रखी है बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन नामक संस्था
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हाईकोर्ट ने 25 लाख का जुर्माना ठोककर दिए थे रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश
प्रमुख सचिव और हाईकोर्ट के निर्देश पर डीआईओएस ने दर्ज कराई रिपोर्ट
बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन कांट, शाहजहांपुर के नाम से फर्जीबाड़ा चलाकर युवाओं को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट जारी करने के आरोप में हाईकोर्ट के निर्देश पर संस्थाध्यक्ष समेत पांच लोगों के खिलाफ थाना कांट में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। 
बता दें कि कांट निवासी गजेंद्र नाथ नामक एक व्यक्ति ने बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन नामक संस्था कांट में खोल रखी है, जिसके माध्यम से गजेंद्र नाथ युवाओं को गुमराह कर हाईस्कूल और इंटर की फर्जी अंकपत्र जारी करते थे। डीआईओएस रणवीर सिंह ने बताया कि इस फर्जीबाड़े का भांडा तब फूटा जब किसी व्यक्ति ने नौकरी के लिए आवेदन किया और जब उसके अंकपत्र का बेरीफिकेशन कराया गया तब उस अनुक्रमांक का अंकपत्र माध्यमिक शिक्षा परिषद में नहीं पाया गया। हद तो तब हो गई जब संस्थाध्यक्ष ने स्वयं हाईकोर्ट में अपील कर संस्था को मान्यता दिए जाने का अनुरोध किया। 
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हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए शासन को कार्रवाई के निर्देश दिए और संस्थाध्यक्ष पर 25 लाख का जुर्माना ठोक दिया। हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश और प्रमुख सचिव के पत्र के आधार पर डीआईओएस ने फर्जीबाड़ा में शामिल लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कांट थाना में रजिस्टर्ड तहरीर भेज दी, जिसके आधार पर कांट में संस्था के चेयरमैन गजेंद्र नाथ समेत पांच सदस्यों के खिलाफ धारा 419 और 420 के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज कर ली। 
 
सुबूत के तौर पर डीआईओएस के हाथ लगी फर्जी मार्कशीट
फर्जीबाड़ा के खुलासे की पुष्टि भी हो चुकी है। डीआईओएस रणवीर सिंह ने बताया कि उनके पास इंटर का एक ऐसा अंकपत्र आया है, जो गुरुपेंद्र सिंह के नाम से अनुक्रमांक 933001315098 से वर्ष 2015 में जारी किया गया है। इस अंकपत्र में छात्र गुरुपेंद्र सिंह के माता का नाम हरजीत कौर और पिता का नाम गुलजार सिंह दर्ज है। यह अंकपत्र 25 जून 2015 को जारी हुआ। इसमें स्कूल का नाम एमएसएसएम इंटर कॉलेज कांट, शाहजहांपुर, यूपी छपा है और सचिव का नाम रूबल कुमार छपा है, जो संस्थाध्यक्ष गजेंद्र नाथ का पुत्र बताया जा रहा है। डीआईओएस ने बताया कि इस नाम का कोई स्कूल ही नहीं है। 
 
इनके खिलाफ दर्ज हुई है रिपोर्ट
फर्जीबाड़ा में डीआईओएस की तहरीर पर कांट थाना में गजेंद्र नाथ पुत्र बुधपाल, सुशीला देवी पत्नी गजेंद्र नाथ, रूबल कुमार पुत्र गजेंद्र नाथ, डॉ. मोहम्मद आरिफ पुत्र अनवर, दशेंद्र सिंह बघेल पुत्र बुधपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की कई गई है।
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अजीत रोरिया, थानाध्यक्ष कांट 
 
रिपोर्ट दर्ज कराने का कोई औचित्य नहीं : गजेंद्र 
बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन कांट, शाहजहांपुर के चेयरमैन गजेंद्र नाथ ने डीआईओएस को पत्र भेजकर स्वयं को निर्दोष बताया है। गजेंद्र नाथ ने अमर उजाला कार्यालय आकर डीआईओएस को भेजे पत्र की प्रति उपलब्ध कराई है। मजे की बात यह है कि पत्र में गजेंद्र ने स्वयं स्वीकार किया है कि उनकी संस्था द्वारा संचालित परीक्षाएं उत्तर प्रदेश में मान्य नहीं हैं और जनपद ही नहीं, पूरे उत्तर प्रदेश में कोई भी शाखा संचालित नहीं है, जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर है। संस्था द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्र कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, नागालैंड में मान्य हैं। उन्होंने संस्था का रजिस्ट्रेशन 2013 में कराया था। गजेंद्र नाथ का यह भी कहना है कि उन्होंने पत्राचार के लिए कांट में कार्यालय खोल रखा है। उनकी संस्था के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने का कोई औचित्य नहीं है।
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