थाना सदर बाजार क्षेत्र के मोहल्ला बाडूजई पेशावरी में बुधवार की रात करीब साढ़े 11 बजे 30 वर्षीय स्वाति कौर को दो लोगों ने गोली मार दी। गोली बाएं कमर के ऊपर लगी और रात को ही जिला अस्पताल में भरती कराया गया। सदर बाजार कोतवाली में आईपीसी की धारा 307 और 452 के तहत केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। जख्मी स्वाति के बयान के आधार पर पुलिस ने रात को ही दोनों नामजद आरोपियों घर पर दबिश दी तो वे सोते हुए मिले।
स्वाती की सास दविंदर कौर ने बृहस्पतिवार को थाने में तहरीर देकर कहा कि बुधवार की रात करीब 11.30 बजे हरजीत सिंह चावला और उनके बेटे नवजीत सिंह ने इनका दरवाजा खटखटाया। बहू स्वाति ने दरवाजा खोला तो नवजीत उसे धक्का देते हुए अपने पिता के साथ घर में घुस आया। भीतर आकर हरजीत ने कहा कि उसके बेटे की हत्या स्वाति के चलते हुई । इतने में पास खड़े नवजीत ने इनकी बहू पर गोली दाग दी। फायरिंग की आवाज सुनकर यह ऊपर के कमरे से नीचें आईं तो इन पर भी आरोपियों ने फायर झोंका लेकिन यह बाल - बाल बच गईं। फिर दोनों आरोपी भाग निकले और गोली लगने से जख्मी स्वाति फर्श पर गिर पड़ी। पुलिस को सूचना दी गई तो सदर बाजार कोतवाली से आई पुलिस टीम ने इनकी जख्मी बहू को अस्पताल में भर्ती कराया।
एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि गोली से जो जख्म है वह गोली के छर्रे से जलने की है। आरंभिक जांच में यह मामला काउंटर केस की मंशा से की गई फायरिंग का लग रहा है लेकिन प्रकरण के सभी पहलुओं की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। उन्होंने बताया कि जख्मी महिला ने जिन हरजीत सिंह चावला और नवजीत सिंह को नामजद किया है, उसी हरजीत के बेटे के कत्ल के आरोप में इसके के पति पवनजीत सिंह और देवर कंवलजीत सिंह गत 14 माह से जेल में हैं। हाइकोर्ट तक से उनकी जमानत खारिज हो गई। नामजद आरोपी रात को अपने घर पर सोते हुए मिले थे और बृहस्पतिवार की सुबह परिवार के सदस्यों के साथ घटनाकांड के संबंध में अपना पक्ष रखने को इनके पास आए थे।
यह रंजिश 14 माह पुरानी है
घर में घुसकर फायरिंग की असलियत जानने में जुटी पुलिस
शाहजहांपुर। सदर बाजार कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बाडूजई में स्वाति कौर पर घर में घुसकर बुधवार रात की गई फायरिंग की घटना की जो कहानी बताई गई है, उस पर विवेचक पुलिस टीम को भी सहसा भरोसा नहीं हो रहा। कांड के हर पहलू की जांच की रही है। दो फायर होने की बात कही गई लेकिन मोहल्ले या पड़ोस के किसी और ने इसकी आवाज तक नहीं सुनी। खास बात यह कि इन दोनों परिवारों में इस समय रंजिश है और यह 14 माह पुरानी है। उससे पहले दोनों परिवारों के बीच अच्छे ताल्लुकात थे।
पुलिस रिकार्ड को खंगालने पर विवेचक टीम के अगुवा इंस्पेक्टर जेपी तिवारी ने पाया कि मोहल्ला बाडूजई पेशावरी में रहने वाले हरजीत सिंह चावला के बेटे बलजीत सिंह चावला और उनके मकान से सामने रहने वाले प्रतिपाल सिंह के बेटे पवनजीत के बीच गहरी दोस्ती थी। दोनों साथ पढ़े भी थे। इस दोस्ती में दरार गत वर्ष तब आई जब बलजीत सिंह ने पवनजीत की पत्नी स्वाती के फोटो व्हाट्सएप पर अपने दोस्तों के गु्रप में डाल दिया था। यह बात पवनजीत को अखरी और दोनों में विवाद हो गया। फिर नौ जून 2014 की रात में पवनजीत ने अपने भाई कंवलजीत के साथ मिलकर बलजीत के घर पहुंचे और उसे आवाज देकर बाहर बुलाया एवं वही गोली मार दी। गंभीर हालत में बलजीत को दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां इलाज के दौरान 20 अगस्त 2014 को उसने दम तोड़ दिया था। तब हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था और घटना के दूसरे ही दिन 10 जून को पुलिस ने पवनजीत को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। उस मामले में दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर तब अगस्त माह में थाना सदर बाजार के गेट पर शव रखकर लोगों ने प्रदर्शन भी किया था। बाद में दूसरे आरोपी कंवलजीत को भी गिरफ्तार करके पुलिस ने जेल भेज दिया था।