खुटार क्षेत्र के गांव नवदिया प्रेमराज में बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे गुब्बारे में लिपटकर उड़ने वाला मौसम विभाग का उपकरण अचानक खेत में गिरा तो ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। पैराशूट सरीखे आकार वाले गुब्बारे के साथ गिरे बक्से को किसी ने हवाई जहाज का पुरजा समझा तो किसी ने बम। सूचना पाकर आसपास के गांवों से भी लोग जुटे और पुलिस भी पहुंची। जिला मुख्यालय में खुफिया विभाग की टीम रेडियो सेक्शन के विशेषज्ञों और बम डिस्पोजल स्क्वाड के सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचे। जांच में मौसमी मिजाज और आर्द्रता की जानकारी जुटाने वाले मौसम विभाग का उपकरण मिला तो सभी ने राहत की सांस ली। बाक्स और गुब्बारे को जिला मुख्यालय लाया गया एवं डीएम और एसएसपी की ओर से प्रकरण की जानकारी मौसम विभाग और राज्य इंटेलिजेंस मुख्यालय को भेज दी गई है।
नवदिया प्रेमराज निवासी सरदार चरन सिंह बृहस्पतिवार सुबह साढ़े पांच बजे खेत पर टहलने जा रहे थे। अचानक उन्होंने आसमान की ओर से एक पैराशूट जैसी चीज गिरते देखी। इसमें एक बड़ा सा बाक्स जुड़ा हुआ था। चरनसिंह ने फोन से परिचितों को जानकारी दी तो गांव भटनौसा, पिपरिया बिरसिंहपुर, मलिका, खमरिया आदि के तमाम लोग मौके पर पहुंचे। कुछ लोगों ने उपकरण को बम तो कुछ ने हवाई जहाज का उपकरण समझा। बम समझने के कारण लोग उपकरण को दूरी से ही देखते रहे। सूचना पाकर एसओ जसवीर सिंह मौके पर पहुंचे और उपकरण का मुआयना कर जिला मुख्यालय पर अधिकारियों को जानकारी दी। विधि विज्ञान प्रयोगशाला के लोगों ने उपकरण के मौसम विभाग का होने की बात कही तो उपकरण को उठाकर थाने लाया गया।
मीडिया को खेत में गिरे उपकरण दिखाते हुए एलआईयू इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह सलूजा ने बताया कि बाक्स में रखा डिवाइस गुब्बारे के सहारे आसमान में मौसम विभाग की ओर से छोड़ा गया था, लेकिन यह कहां से छोड़ा गया और कब, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। संभवत: जिस गुब्बारे के सहारे पूरा उपकरण हवा में उड़ में रहा था, उसी गुब्बारे के फटने के चलते उपकरण खेत में गिरा। डिवाइस में एक ओर एंटीना लगा हुआ है और दूसरी ओर चिप के आकार वाला रिसीवर, जिससे विभाग मौसम संबंधी जानकारी उपकरण से करता है। गुब्बारे के भीतर बल्ब बैटरी वाले सेल से लगे हुए हैं। उपकरण में चाइना के सेल थे और जर्मनी, जापान आदि के पुर्जे लगे हुए थे। एलआईयू इंस्पेक्टर के मुताबिक डिवाइस में अंकित नंबर को इंटरनेट पर डालने पर पता चला कि यह आर्द्रता और मौसम के मिजाज को भांपने के काम में इस्तेमाल होता है।