कोतवाली अंतर्गत गांव नौगाईं में रविवार को दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष के बाद पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए बार संघ ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हड़ताल कर दी और सीओ कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए अधिवक्ता की एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
रविवार को गांव नौंगाईं में अधिवक्ता संजय शर्मा व प्रधान पक्ष के लोगों के बीच जमकर संघर्ष हुआ। इसमें छह लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को देर शाम तक थाने में घायल अवस्था में बिठाए रखा तथा देर रात उक्त प्रकरण में बीडीसी मेंबर रविंद्र की तहरीर पर एनसीआर तथा अवनीश की तहरीर पर बलवा व मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कर ली। इस पर अधिवक्ता संजय ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उनकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। अधिवक्ता के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए बार संघ ने हड़ताल कर दी। बाद में नारेबाजी करते हुए सीओ कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए धरना शुरू कर दिया और जमकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। दो घंटे तक सीओ विजय शंकर मिश्रा के साथ बातचीत के बावजूद जब मामला नहीं सुलझा तो पुलिस पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए वकीलों ने फिर धरना शुरू कर दिया। काफी जद्दोजहद के बाद कप्तान के निर्देश पर पुलिस ने एनसीआर में तरमीम कर संजय शर्मा व अवनीश की तहरीर पर दोनों पक्षों के खिलाफ 143/144/149/452/148 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया। वार्ता के दौरान राहुल देव सागर, राजवीर सिंह, अद्वितीय सिंह, रामबहोरन सिंह यादव, राघवेंद्र सिंह, विनोद सिंह, नगेंद्र सिंह, रवि शर्मा, शीलेंद्र मोहन मिश्रा, श्याम पाल गंगवार, अशोक खन्ना, रोहित साहू आदि मौजूद रहे।