शौचालय निर्माण के टेंडर को लेकर ठेकेदारों और नगर पालिका परिषद कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। आरोप है कि ठेकेदार ने अपने साथियों की मदद से न सिर्फ कर्मचारियों के साथ मारपीट की बल्कि सरकारी अभिलेख फाड़ दिए और कार्यालय में तोड़फोड़ की। मामले की रिपोर्ट दर्ज कर हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कर्मचारियों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। चेयरमैन ने भी हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर धरने पर बैठने की चेतावनी दी है।
नगर पालिका परिषद कार्यालय में निर्माण अनुभाग के लिपिक अनुज गुप्ता ने बताया कि बृहस्पतिवार को शौचालय निर्माण के टेंडरों की बिक्री का समय दो बजे तक निर्धारित था। समय निकल जाने के बाद ढाई बजे मोहल्ला बाडूजई प्रथम निवासी ज्ञानेंद्र यादव उर्फ दीपू अपने साथियों पुनीत अवस्थी, राकेश ठाकुर तथा दो अज्ञात लोगों के साथ आए और टेंडर देने को कहा। इस पर अनुज ने समय निकल जाने की बात कहते हुए टेंडर देने से मना कर दिया गया। इससे ये लोग बौखला गए और गाली-गलौज कर अभद्रता करने लगे। विरोध करने पर अनुज और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सोमवती के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि इन लोगों ने प्रभारी सहायक अभियंता एसके कनौजिया के कार्यालय में तोड़फोड़ की और सरकारी अभिलेख भी फाड़ दिए। अन्य कार्यालयों में भी तोड़फोड़ की। इससे सभी कर्मचारी दहशत में आ गए और काम बंद कर कार्यालय से बाहर निकल आए।
सूचना मिलने पर सदर बाजार थाना पुलिस के साथ ही नगर पालिका परिषद चेयरमैन तनवीर खां भी दफ्तर पहुंच गए। पालिका कर्मचारियों ने हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग को लेकर कार्यालय परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया। चेयरमैन ने चेतावनी दी कि यदि हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वह खुद धरने पर बैठ जाएंगे। कर्मचारियों ने थाने पहुंचकर भी प्रदर्शन किया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत किया गया। प्रदर्शन करने वालों में विलासत उल्ला खां, मो. इमरान, आदिल, नासिर अली खां, राजकुमार, भारत, नाजिम, प्रखर चित्रांश, नेहाल अहमद, अतहर अली, मो. अतीक आदि लोग शामिल थे।
टेंडर देने के बजाय टरकाता रहा बाबू
आरोपी ज्ञानेंद्र यादव, पुनीत अवस्थी, राकेश सिंह ने पालिका कर्मचारियों के साथ मारपीट और तोड़फोड़ के आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि उन लोगों ने बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे टेंडर खरीदने के लिए पालिका के बाबू अनुज गुप्ता को प्रार्थना पत्र दिए थे, लेकिन अनुज ने रसीद नहीं दी। वे दोबारा दोपहर 12:15 बजे कार्यालय पहुंचे तो अनुज अपनी सीट पर नहीं थे। जानकारी करने पर पता चला कि वह ईओ आवास पर हैं। वहां जाकर देखा तो वह वहां भी नहीं मिले। पौने दो बजे वे लोग फिर पालिका पहुंचे तो बाबू एई के दफ्तर में मिले। टेंडर देने को कहा तो मोबाइल पर बात करने लगे और जब दो बज गए तो समय निकल जाने की बात कहकर टेंडर देने से मना कर दिया।
आरोपी ठेकेदारों और उनके साथियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया जा रहा है। पालिका कार्यालय में तोड़फोड़ नहीं हुई है।
- केके तिवारी, इंस्पेक्टर सदर बाजार कोतवाली