थाना गढ़िया रंगीन क्षेत्र के पिपरथरा और जरिगवां गांव के भट्ठा मजदूरों की दबंग ठेकेदारों ने पांच महीने की मजदूरी करीब एक लाख 13 हजार रुपये हड़प लिए। विरोध करने पर दबंग ठेकेदारों ने दो महीने तक बंधक बनाकर भट्ठों पर काम कराया। किसी तरह से भट्ठा मजदूर अपनी जान बचाकर भट्ठों से भागे। दबंगों के डर से मजदूर अपने गांवों से पलायन कर गए हैं। पीड़ितों ने एसपी को प्रार्थना-पत्र देकर मजदूरी दिलाने की गुहार लगाई है।
पीड़ितों ने एपसी को दिए पत्र में बताया कि उनके गांव में रहने वाले दो ईंट भट्ठा ठेकेदार 25 दिसंबर 2014 उनके घर आए अच्छी मजदूरी का प्रलोभन दिया। सभी लोग उनके झांसे में आकर काम करने का तैयार हो गए। दोनों ने पांच लोगों को मय घोड़ा बुग्गी के गांव मोहद्दीनपुर में बने भट्ठे और पांच लोगों को मिर्जापुर और जलालाबाद तहसील के भट्ठों पर लगा दिया। काम शुरू करने से पहले दोनों ठेकेदारों ने घोड़े के चारे और खाने पीने का समान लाने के लिए पांच-पांच हजार रुपये दे दिए। सभी लोगों ने काम करना शुरू कर दिया। 15 दिन के बाद सभी ने मजदूरी मांगी तो ठेकेदारों ने पांच-पांच सौ रुपये दे दिए। बाकी का हिसाब नौकरी छोड़ने पर करने की बात कही। इसी बीच होली के त्यौहार पर रुपये मांगने पर बड़ी मुश्किल से ठेकेदारों ने सभी को एक-एक हजार रुपये दिए। जिसने बीच में हिसाब करने को कहा तो ठेकेदारों ने उनकी पिटाई कर दी। इसी बीच कई मजदूर ठेकेदारों के डर से भाग गए। होली के बाद सभी ने अपनी बाकी मजूदरी नहीं देने पर काम करने के से इनकार कर दिया। ठेकेदार सभी को जबरन मारपीट कर अपने साथ ले गए। ठेकेदारों दो महीने तक सभी को बंधक बनाकर दो महीने तक काम कराया। सात मई की रात सभी लोगों ठेकेदारों के चंगुल से छूटकर भट्ठों से भाग गए। ठेकेदारों के डर से सभी लोग अपने गांवों से पलायन कर गए। पीड़ितों में वीरेश, राजेश, बिजेंद्र, अरविंद, नन्हें, रामवीर, सूरज, शिवपाल आदि शामिल थे। मामले में एसपी ने एसओ गढ़िया रंगीन को मामले की जांच के आदेश दिए हैं।