प्रधानमंत्री के कार्यक्रम ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ से प्रेरित होकर सांसद कृष्णा राज ने इस कार्यक्रम का श्रीगणेश जनपद में कर दिया। उन्होंने विकास खंड ददरौल के गांव घुसगवां में कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि बेटों और बेटियाें के अनुपात में दिख रहा अंतर समाज के दोहरे चरित्र को उजागर करता है।
सांसद ने कहा कि जीवन की हरेक समस्या को दूर करने के लिए देवी की पूजा-अर्चना की जाती है, लेकिन वही भारतीय समाज कन्या जन्म को अभिशाप मानता है। इस संकीर्ण मानसिकता की उपज दहेज रूपी दानव के भय से हुई है। हमें इस मानसिकता में बदलाव लाकर समाज को बचाना है। कृष्णा राज ने कहा कि बेटी आंगन की वह चहक है, जिसके बिना घर-आंगन सूना लगता है। पूर्व चेयरमैन सरोज गुप्ता ने कहा कि बेटियों को पराया धन समझने वालों को इनका महत्व समझना चाहिए। बिना बेटियों के समाज का तानाबाना ही अधूरा रह जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधान भुवनेश यादव ने गांव वालों से अपील की कि वह बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें और उन्हें शिक्षित कर आगे बढ़ाएं। इससे पूर्व सांसद ने मेधावी छात्राओं को स्मृति चिन्ह देकर उनका उत्साहवर्धन भी किया। कार्यक्रम में सत्यपाल सिंह चौहान, सत्यपाल भदौरिया, पंकेश मिश्रा, मीडिया प्रभारी राम बरन सिंह, राम निवास गौतम, रम्मन गुप्ता, राधेश्याम यादव, रामनाथ यादव, अरविंद यादव, राकेश यादव, आलोक, पंकज यादव आदि मौजूद रहे।