सांसद कृष्णाराज ने अति वृष्टि और ओला वृष्टि से बर्बाद हुए किसानों को समुचित मुआवजा दिलाने और फसली ऋण की भरपाई बीमा कंपनियों से कराने के लिए डीएम को पत्र भेजा है। सांसद ने डीएम को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 12 अप्रैल तक फसलों का सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया तो वह पीड़ित किसानों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ उनके कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगी।
मीडिया प्रभारी राम बरन सिंह ने बताया कि सांसद कृष्णाराज ने डीएम को पत्र भेजकर अवगत कराया कि जिले में किसानों की 80-90 फीसदी फसल बरसात से बर्बाद हो चुकी है, किसान भुखमरी की कगार पर पहुंच चुका है और आए दिन आत्महत्या कर रहा है। जो सर्वे किया जा रहा है, उसमें किसानों से मुआवजा दिलाने के नाम पर पैसा मांगा जा रहा है। अधिकारी और कर्मचारी राहत के नाम पर किसानों से छल कर रहे हैं, जिस कारण किसानों में भारी रोष है।
सांसद ने कहा कि एक ओर प्रशासन किसानों को परेशान कर रही है, वहीं प्रदेश सरकार कुंभकरण की नींद सो रही है। कृष्णा राज ने कहा कि बर्बाद फसलों का ईमानदारी से सर्वे कराकर किसानों को 25 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिलाया जाए और जिन किसानों ने बैंकों एवं साधन सहकारी समितियों से कृषि ऋण लिया है, उसकी भरपाई (वसूली) बीमा कंपनियों से कराई जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।