गांव मानपुर पिपरिया में छंगालाल की मौत मामले में शुक्रवार को पोस्टमार्टम
होकर शव घर पहुंचने पर परिवार के लोगों ने अंतिम संस्कार करने से इंकार कर
दिया।
शनिवार को पूरे दिन परिवार के लोगों को अंतिम संस्कार किए जाने के
लिए मनाया जाता रहा, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
गौरतलब है कि
बृहस्पतिवार को छंगालाल के पुत्र ओमकार का खेत की सिंचाई करते समय गांव के
ही गुरदीप सिंह आदि से विवाद हो गया था। जानकारी पर छंगालाल भी खेत पर गया।
बाद में परिवार के लोगों को वह बेहोशी की हालत में खेत में पड़ा मिला।
पुत्र राजेंद्र ने गुरदीप सिंह सहित पांच लोगों पर पिता को पीटने का आरोप
लगाते हुए एनसीआर दर्ज कराई थी। बंडा सीएचसी पर डॉक्टरों ने छंगालाल को मृत
घोषित कर दिया। जिस पर पुलिस ने एनसीआर को गैर इरादतन हत्या की धारा में
तरमीम कर दिया और शुक्रवार को शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।
पोस्टमार्टम
में शव पर चोट का कोई निशान नहीं पाया गया और मौत का कारण हार्ट अटैक से
बताया गया था। शुक्रवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो पुत्र
राजेंद्र आदि ने दोबारा पोस्टमार्टम कराए जाने, आरोपियों के खिलाफ हत्या का
मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी किए जाने की मांग को लेकर अंतिम संस्कार करने से
इंकार कर दिया। शनिवार को सीओ बीडी कठेरिया गांव पहुंचे और मृतक के परिवार
वालों को अंतिम संस्कार के लिए मनाया, लेकिन वे लोग तैयार नहीं हुए।
मृतक
का पुत्र राजेंद्र घर से कहीं चला गया है। परिवार के लोगों का कहना है कि
छंगालाल की हत्या की गई है। वह लोग पुलिस और पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर
पर भी आरोप लगा रहे हैं। सीओ कठेरिया का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा
रही है। परिवार के लोगों को समझाया जा रहा है।