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एक रात में दो दुकानों से लाखों की चोरी

Fri, 26 Dec 2014 11:53 PM IST
रोजा, शाहजहांपुर
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भीषण ठंड में चोरों की इस वक्त बल्ले-बल्ले है। बृहस्पतिवार की रात चोर हाईवे स्थित दो दुकानों में नकब लगाकर एक लाख रुपये से ज्यादा की संपत्ति उठा ले गए। पिछले एक सप्ताह में दर्जनभर चोरी की वारदातें हो चुकी हैं, किसी भी मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है, जिससे गुस्साए व्यापारियों ने हंगामा काटकर पुलिस के खिलाफ  नारेबाजी की है।
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थाना आरसी मिशन क्षेत्र के सराय काइयां में रहने वाले लकी गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उनकी न्यू सत्यम् रोड लाइंस नाम से रोजा बाईपास के पास दुकान है। बृहस्पतिवार की रात चोरों ने उनकी दुकान के पिछले दरवाजे को तोड़कर वहां से दो पंखे, कलर टीवी, तीन हजार रुपये सहित करीब 25 हजार का सामान आदि उठा ले गए।
रोजा बाईपास के पास ही थाना कोतवाली के मोहल्ला मेहमान शाह क्षेत्र के रहने वाले मोहम्मद फारुख की वाहन इलैक्ट्रीशियन की दुकान है। इसमें चोरों ने दुकान के पिछले भाग में नकब लगाकर एक बैट्रा, दो सेल्फ, छह अल्टीनेटर, दस किलो कॉपर वायर और पांच किलो पीतल का सामान पर हाथ साफ कर दिया। चोरी गए सामान की कीमत करीब सवा लाख रुपये बताई जा रही है।
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सीतापुर कोतवाली थाना क्षेत्र के खूबपुर में रहने वाले ट्रक चालक अंबरेश सिंह ने पुलिस को बताया कि बृहस्पतिवार की रात सामान उतारकर करीब तीन बजे वह रोजा बाईपास पर आया था। वह ट्रक के केबिन में सो रहा था। चोरों ने डीजल टैंक की सील तोड़कर करीब 120 लीटर डीजल चोरी कर लिया है। तीनों ही पीड़ितों ने रोजा थाने में घटना की जानकारी दी, लेकिन पुलिस ने उनकी नहीं सुनी और डांट फटकार कर थाने से भगा दिया। इससे नाराज दुकानदारों ने हाइवे के समाने जमकर हंगामा काटा और पुलिस के खिलाफ  नारेबाजी की। बता दें कि इससे पहले मेहरोत्रा ट्रांसपोर्ट कंपनी और चंद्रशेखर के कोल डिपो से चोरों ने मोटर, बैट्रा, रंगीन टीवी सहित काफी माल चुरा लिया था।

एक सिपाही के जिम्मे है क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था
कस्बा, बल्लिया और नेवाजपुर सहित हाईवे की निगरानी के लिए थाने में एक दरोगा सहित नौ जवानों की तैनाती की गई है, लेकिन इन दिनों सिर्फ  एक एचसीपी दरोगा और दो सिपाही ही निगरानी में रहते हैं, जिसमें एक दरोगा और एक सिपाही अवकाश पर है। सुरक्षा का भार सिर्फ  एक सिपाही के ऊपर है। बाकी जवान कहां रहते हैं उसका उत्तर रोजा पुलिस के पास नहीं है। इन जवानों की बीट बुक अथवा सुरागरसी का काम भी ढीला है। चर्चा है कि अधिकतर जवान डग्गामारी में व्यस्त रहते हैं और रात के समय अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करते, जिससे दिन पर दिन वारदातों की संख्या बढ़ती जा रही है।
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