थाना सदर बाजार क्षेत्र के गांव मऊ खालसा में राजेश कश्यप के हत्यारोपी रामासरे ने शुक्रवार की सुबह लालपुल के पास ट्रेन से कटकर जान दे दी। मृतक की पत्नी आशा का आरोप है कि राजेश के परिवार वाले लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे थे। डर की वजह से उसके पति ने आत्महत्या कर ली।
गांव मऊ खालसा में रहने वाले राजमिस्त्री राजेश कश्यप के 15 दिसंबर को काम से घर लौटते समय घर के पास गोली मारी गई थी। मामले में राजेश के भाई मनोज की तरफ से गांव के गुलजारी और उसके भाई दुलारे, रामासरे वाल्मीकि और उसके साले सोनू के खिलाफ जानलेवा हमले की धारा में रिपोर्ट की गई थी। हमले के मुख्य आरोपी गुलजारी ने 21 दिसंबर को थाने में सरेंडर कर दिया था। राजेश ने इलाज के दौरान 23 दिसंबर को दम तोड़ दिया था। पुलिस ने मुकदमे को हत्या की धारा में तरमीम कर दिया था।
रामासरे की पत्नी आशा ने बताया कि उसके पति एक पैर से विकलांग थे। उनका सिर्फ गुलजारी के साथ उठना-बैठना था। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस के डर से पति रामासरे और भाई सोनू भागे-भागे घूम रहे थे। घटना के बाद से दोनों घर पर नहीं आ रहे थे। राजेश की मौत के बाद उसके परिवार वाले बदला लेने की धमकी दे रहे थेे। आशा शहर के एक प्राइवेट स्कूल में साफ-सफाई का काम करती है। उसके मुताबिक शुक्रवार को वह काम पर गई हुई थी, तभी दोपहर में रामासरे की तलाश में थाना सदर बाजार पुलिस घर पर आई थी। रामासरे के गायब होने के बाद आशा अपने रिश्तेदारों के साथ लगातार उसकी तलाश कर रही थी। शनिवार को सुबह भी वह अपने बेटी रितु, रचना और बेेटे राहुल के साथ पति को खोज रही थी। तभी उन्हें सूचना मिली कि लालपुल के पास किसी व्यक्ति की ट्रेन से कटकर मौत हो गई है। आशा अपने बच्चों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई। वहां रामासरे का शव देखकर आशा दहाड़े मार-मार कर रोने लगी। रामासरे शव डाउन लाइन पर क्षत-विक्षत पड़ा हुआ था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रामासरे का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मेरे पति को गलत फंसाया गया
पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंची आशा ने सिसक-सिसक कर बताया कि मेरे पति को गलत फंसाया गया। मेरा पति का तो सिर्फ गुलजारी के साथ उठना बैठना था। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद राजेश के परिवार वालों और पुलिस के डर रामासरे घर से गायब हो गए थे। उसके पति पुलिस से बहुत डरते थे। उन्हें जेल जाने का डर था वह तो कभी थाने के अंदर भी नहीं गए थे।
रिपोर्ट के बाद से सोनू भी गायब
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से रामासरे का साला सोनू भी गांव से गायब है। आशा ने आशंका जताई है कि कहीं सोनू के साथ भी कोई अनहोनी न हो गई हो। परिवार के लोग सोनू की तलाश में जुटे हुए हैं।
मनोज की तहरीर पर गुलजारी, दुलारे, सोनू और रामसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। मामले की तफ्तीश चल रही है, मुख्य आरोपी गुलजारी ने थाने में सरेंडर कर दिया है। मामले में गुलजारी और दुलारे ही दोषी लग रहे थे। पुलिस एक बार भी रामासरे के घर नहीं गई। कोई भी बेगुनाह आदमी जेल नहीं भेजा जाता। रामासरे ने बेवहज आत्महत्या कर ली।
- जेपी तिवारी, इंस्पेक्टर थाना सदर बाजार