इंश्योरेंस के नाम पर लोन दिलाने का झांसा देकर साइबर क्राइम करने वाले गिरोह का शुक्रवार को थाना सदर बाजार पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस गिरोह के दोनों सदस्यों को गाजियाबाद से गिरफ्तार करके लाई है। इन्होंने शहर के एक व्यापारी को लोन दिलाने का झांसा देकर करीब तीन लाख रुपये का चूना लगाया था। पकड़े गए दोनों ठग सगे भाई और गाजियाबाद में आलीशान फ्लैट में रह रहे थे।
एसपी कार्यालय में हुई पत्रकार वार्ता में एसपी बबलू कुमार ने बताया कि थाना सदर बाजार क्षेत्र की रामनगर कॉलोनी में रहने वाले पपेंदर सिंह प्राइवेट बस चलवाते हैं। करीब तीन महीने पहले पपेंदर सिंह ने थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया। जिसमें उन्होंने बताया कि 2014 में उन्हें एक नई बस खरीदने के लिए लोन की जरूरत थी। इसी दौरान उनके पास गाजियाबाद से एक फोन आया, उधर से बोलने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह एक इंश्योरेंस कंपनी से बोल रहे हैं। उनकी कंपनी पहली किश्त जमा करने पर एकमुश्त दस लाख का लोन दे देती है। लोन की बाकी रकम एक-एक साल में किश्त के रूप में जमा की जाती है। कई बार फोन आने पर पपेंदर उनके झांसे में आ गए। लोन की बात फाइनल होने पर ठगों ने पांच-पांच हजार रुपये करके करीब 80 हजार रुपये अलग-अलग एकाउंट में डलवाए। जब इतने रुपये फंस गए तो ठगों ने दो लाख 17 हजार रुपये एकमुश्त रकम अपने एकाउंट में डलवाई। इसके बाद उन्होंने अपने फोन बंद कर लिए। इस मामले में एसपी ने साइबर सेल को लगाया, जिसमें मोबाइल नंबर और बैंक एकाउंट नंबर के आधार पर दो ठगों को ट्रेस किया। पुलिस टीम ने गाजियाबाद के इंद्रापुरम इलाके से आशीष कुमार और उसके भाई सचिन कुमार को नोएडा के सेक्टर 63 से गिरफ्तार किया। पूछताछ में इन्होंने ठगी करने की बात कबूल की। दोनों हरियाणा के जिला जींद के थाना जुलाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।
0000
आलीशान फ्लैट में कर रहे थे ऐश
साइबर क्राइम में भोलेभाले लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले आशीष और सचिन दोनों आलीशान फ्लैट में ऐश कर रहे थे। इनके देहरादून में भी फ्लैट हैं। दोनों ने बीकॉम तक पढ़ाई की है। दोनों इससे पहले एक इंश्योरेंस कंपनी के कॉल सेंटर में काम करते थे। दोनों को नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बाद दोनों ने मोटी कमाई करने के लिए साइबर ठगी का रास्ता अपनाया। दोनों के कई एकाउंट में एक साल में करीब 80 लाख रुपये का जमा कराए गए हैं।