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बोलेरो-डीसीएम की भिड़ंत में प्रधान व कोटेदार की मौत

Wed, 14 Oct 2015 10:43 PM IST
शाहजहांपुर
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बंडा के गांव डुडवा पिपरिया के प्रधान 45 वर्षीय रक्षपाल सिंह और ग्राम बिलंदापुर के कोटेदार 43 वर्षीय मलकीत सिंह की खुटार क्षेत्र में मार्ग दुर्घटना में मौत हो गई। इसकी सूचना मिलने पर दोनों परिवारों में कोहराम मच गया।
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प्रधान रक्षपाल सिंह हर वर्ष अपनी कंबाइन फसल कटाई के लिए बाराबंकी, बहराइच आदि जिलों में भेजते थे। इस बार भी वह धान की कटाई के लिए खेत देखने हैदरगढ़ जा रहे थे। उनके साथ कोटेदार मलकीत सिंह भी थे। बुधवार सुबह करीब चार बजे खुटार-पूरनपुर मार्ग पर गांव मुरादपुर के पास रक्षपाल की बोलेरो में सामने से आई डीसीएम ने टक्कर मार दी। इसमें गंभीर चोटें आने से रक्षपाल और मलकीत सिंह की मौके पर मौत हो गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने बोलेरो में फंसे चालक बंडा के गांव डुडवा पिपरिया के कमलजीत सिंह को सरकारी अस्पताल भिजवा दिया। वहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पुलिस ने मृतकों के पास मिले मोबाइल नंबर पर रक्षपाल और मलकीत के घर सूचना दी। इसके बाद परिवार के लोग रोते बिलखते खुटार पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिए। अज्ञात डीसीएम चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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प्रधान रक्षपाल के दो पुत्र लखविंदर सिंह, गुरविंदर सिंह और एक पुत्री मनप्रीत कौर है। कोटेदार मलकीत सिंह के दो पुत्र गुरजीत सिंह, मंदीप सिंह और पत्नी सुखविंदर कौर हैं। भी रो रोकर बुरा हाल है।


हाथों की मेंहदी छूटने से पहले उजड़ गया सुहाग
पुवायां। शादी होने के पंद्रह दिन बाद युवक की मार्ग दुर्घटना में मौत हो जाने से घर में कोहराम मचा हुआ है। नव विवाहिता तो पति के गम में खुद की सुधबुध खो बैठी।
गांव सुजानपुर निवासी ओबी अपने साढ़ू गांव जंगलपुर के खुशीराम के साथ मंगलवार रात किसी काम से पुवायां आ रहा था। रात में पुलिस को सूचना मिली कि पुवायां-जेंबा मार्ग पर एक बाइक दुर्घटनाग्रस्त हुई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को पुवायां सरकारी अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने ओबी को मृत घोषित कर दिया। जबकि खुशीराम को जिला अस्पताल रेफर किया गया था।
हादसे की खबर ओबी के घर घर पहुंची तो खुशियों भरा माहौल मातम में बदल गया। ओबी की शादी पंद्रह दिन पूर्व खीरी जनपद के मैलानी थाना क्षेत्र के गांव टीकापुर निवासी फूलचंद्र की पुत्री सोनी से हुई थी। ओबी के पिता फूलचंद्र दिल्ली में काम करते हैं। पुत्र की शादी के सप्ताह भर बाद वह दिल्ली चले गए थे। पुत्र की मौत की खबर पाकर फूलचंद्र दिल्ली से घर के लिए रवाना हो गए। ओबी के घर मचे कोहराम से पूरे गांव में मातम जैसा माहौल है।
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