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हमलावरों के निशाने पर है बिटिया का परिवार

Sun, 20 Mar 2016 11:46 PM IST
ब्यूरो/शाहजहांपुर
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रास्ते के विवाद में गई महिला की जान - फोटो : demo pic
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बिटिया के पिता को केवल धमकी भरा फोन ही नहीं आ रहा बल्कि परिवार की रेकी की जा रही है और आसाराम के कुछ साधक घात लगाए बैठे हैं। यह जानकारी मामले के गवाह कृपाल सिंह के हत्योरापी कार्तिक उर्फ राजू से गुजरात एटीएस की पूछताछ में सामने आई है। कार्तिक ने पूछताछ में जानकारी दी है कि परिवार की रेकी की जा रही है और कुछ लोग अभी भी शाहजहांपुर में रुके हैं। सूत्रों के अनुसार, गुजरात एटीएस के हाथ चढ़े कार्तिक के अलावा भी कुछ विश्वस्त साधकों को वैसी ही भूमिका में जुटाया गया लेकिन उनके बारे में ठोस सुराग नहीं मिला है। वहीं, कृपाल की हत्या करने के पहले कार्तिक शाहजहांपुर आया था और अशफाक नगर इलाके में रुका था। उधर, रविवार को सीओ सिटी और चौक कोतवाल प्रभारी बिटिया के घर पहुंचे और परिवार को सुरक्षा के लिहाज से आश्वस्त किया।
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बताते चलें, आसाराम के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद से ही साधकों ने बिटिया के परिवार को केस वापस के लिए धमकाना शुरू कर दिया था। सबसे पहले आसाराम के बरेली स्थित समिति से जुड़े गोविंद तनेजा की अगुवाई में करीब 15 लोगों ने बिटिया के घर पहुंच पिता को धमकाया था। न्याय की मांग पर कचहरी में भूख हड़ताल पर बैठने के दौरान भी उन्हें फोन पर धमकियां मिलीं। बिटिया के परिवार के विश्वस्त के रूप में रहा आसाराम का एक साधक शिवनाथ ही परिवार की जासूसी कर हर गतिविधि आसाराम के गुर्गों को बताता रहा लेकिन पुलिस को पता लग गया। पुलिस ने बिटिया के पिता को सजग किया तो शिवनाथ जोधपुर चला गया और अभी तक सामने नहीं आया है। जोधपुर में केस की तारीख पर जाने और लौटने के दौरान बिटिया के उस रिश्तेदार को भी साधकों ने जानलेवा धमकी दी थी जहां परिवार ठहरा था। बिटिया के पिता के पास बीते शनिवार की दोपहर फिर धमकी भरा फोन आने पर पुलिस ने चौकसी बढ़ाई है। रविवार को सीओ सिटी विजय शंकर मिश्र और चौक कोतवाली प्रभारी केके तिवारी बिटिया के घर पहुंचे और परिवार को सुरक्षा के प्रति आश्वस्त किया। 
आसाराम की बात वायरल करने पर मारा गया कृपाल
शाहजहांपुर। कृपाल सिंह के हत्यारोपी कार्तिक उर्फ राजू ने गुजरात एटीएस को कई अहम जानकारियां दी। सूत्रों के अनुसार, कृपाल आसाराम के खिलाफ गवाही देने पर टारगेट नहीं बना बल्कि आसाराम से मोबाइल पर हुई उसकी बातचीत रिकार्ड कर वायरल करने पर उसकी हत्या की गई। कृपाल पर गुस्सा इस बात का भी था कि वह बिटिया के परिवार से समझौता नहीं करा रहा है लेकिन ज्यादा नाराजगी बातचीत की रिकार्डिंग वायरल करने पर थी। 
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बिटिया के परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दो अधिकारी रविवार को बिटिया के पिता से मिले और कार्रवाई के संबंध में उन्हें आश्वस्त किया। गुजरात गई टीम कार्तिक से इनपुट जुटा रही है। टीम के लौटने पर कुछ कहा जा सकेगा। 
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- डॉ. मनोज कुमार, एसपी शाहजहांपुर
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