बुजुर्ग श्रीराम के लिए आशियाना ही उनकी चिता बन गया। सोते समय झोपड़ी में अचानक लगी आग में श्रीराम जिंदा जल गए और उनकी मौके पर मौत हो गए।
गढ़िया रंगीन थाना क्षेत्र के गांव सिमरिया रायपुर शिवराजपुर के 60 वर्षीय श्रीराम गांव के बाहर झोपड़ी डालकर अकेले रहते थे। उनकी पत्नी पहले ही परलोक सिधार गईं। छोटा बेटा बृजपाल दिल्ली में काम करता है। बड़ा जबरपाल अपने पत्नी-बच्चों समेत अलग गांव में ही रहता है। रोजाना की तरह मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे श्रीराम अपनी झोपड़ी में सो रहे थे। तभी अचानक झोपड़ी में आग लग गई। लपटें निकलती देखकर ग्रामीण इकट्ठे हुए तब तक आग पूरी झोपड़ी में फैल गई। ग्रामीणों के मुताबिक जागने पर श्रीराम ने बाहर निकलने की कोशिश की होगी, लेकिन वह आग की लपटों में फंसकर जिंदा जल गए। ग्रामीण और परिवारीजनों ने बाल्टियों से पानी डालकर बमुश्किल आग बुझाई, लेकिन तब तक बुजुर्ग श्रीराम की मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया। पुलिस के मुताबिक आग लगने का कारण पता नहीं चल सका।
ढिबरी गिरने से किशोरी जली, मौत
शाहजहांपुर। सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव खानपुर देहा में रहने वाले हनीफ की 16 वर्षीय बेटी शबाना के ऊपर जलती हुई ढिबरी अचानक गिर गई। इससे कपड़ों में लगी आग से शबाना बुरी तरह झुलस गई। उसे गंभीर हालत में परिवारीजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
यह हादसा मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे हुआ। हनीफ की बेटी शबाना कमरे में चारपाई पर सो रही थी। वहीं, पड़ोस की चारपाई पर उसके दो छोटे भाई हमीद और मुहीद सो रहे थे। तभी चारपाई के पास रखी ढिबरी रजाई लगने से बिस्तर पर गिर गई। कुछ देर में आग ने भीषण रूप धारण कर लिया। शबाना के चीखने पर परिवारीजनों ने दौड़कर आग बुझाई। मगर तब तक शबाना गंभीर रूप से झुलस चुकी थी। गंभीर अवस्था में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां बुधवार दोपहर करीब 12 बजे शबाना ने दम तोड़ दिया। पुलिस के पंचनामा भरने के बाद परिवार वाले शव अपने साथ घर ले गए। शबाना पांच बहनों और तीन भाइयों में तीसरे नंबर की थी।