दो अलग-अलग मामलों में इंस्पेक्टर कोतवाली श्रीप्रकाश राय और थाना प्रभारी जलालाबाद शक्ति सिंह तोमर सहित 10 लोगों के विरुद्ध सीजेएम कोर्ट में रिपोर्ट दर्ज करने की गुहार लगाई है। कोर्ट ने पुलिस से 22 मई तक आख्या देने को कहा है।
पहला मामला कोतवाली क्षेत्र का है। मोहल्ला बाकरजई निवासी 79 वर्षीय विजय बहादुर सिंह ने कोतवाली इंस्पेक्टर श्रीप्रकाश राय, अलीजई निवासी आबिद हुसैन, झंडाकलां के सतीशचंद्र शर्मा, तिलजई के नरेश मौर्य और बहादुरपुरा के अंकुर पांडेय तथा दो अज्ञात के विरुद्ध दर्ज कराया है। इनका मोहल्ले में ही एक प्लाट है। इस जमीन को हड़पने के लिए आबिद, सतीश, नरेश और अंकुर ने एक फर्जी एग्रीमेंट बनवाकर नोटरी करा ली। कोतवाली इंस्पेक्टर ने 10 अप्रैल 2015 को सुबह फोन करके विजय बहादुर को थाने बुलाया। जब वह थाने गए तो वहां पहले से ही सतीश, नरेश और दो अज्ञात लोग मौजूद थे। इन लोगों ने बैनामा करने का दबाव बनाया। बकौल विजय, जब उन्होंने कहा कि ऐसा कोई एग्रीमेंट नहीं किया है तो इंस्पेक्टर तथा वहां मौजूद लोगों ने गालियां देते हुए जबरदस्ती सादे स्टांप, रसीदी टिकट लगे हुए कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए। सीजेएम शैलेंद्र पांडेय ने मामला दर्ज कर 22 मई तक थाने से आख्या तलब की है।
दूसरा मामला जलालाबाद का है। अधिवक्ता मुकेश वर्मा ने एसओ जलालाबाद शक्ति सिंह तोमर और उनके अधीनस्थ के विरुद्ध सीजेएम कोर्ट में वाद दर्ज कराया है। इसमें कहा है कि पैर में चोट होने के कारण मुकेश रिश्तेदार की कार से कचहरी आते हैं। एक मई 2015 को उन्होंने कार सिविल जज जूनियर डिवीजन कोर्ट के बाहर सड़क पर खड़ी कर दी थी। उसी दिन डेढ़ बजे थाना जलालाबाद का चालक रामजी यादव जीप चलाते हुए तेजी से आया और कार में टक्कर मार दी, जिससे कार का पिछला दरवाजा, बंपर, मडगार्ड क्षतिग्रस्त हो गया। इस पर वकीलों ने जीप को रोक लिया। तभी एसओ शक्ति सिंह तोमर, एसआई चेतराम आर्य, कांस्टेबल लवनीस आ गए और गालियां देने लगे। अधिवक्ता का यह आरोप है कि जान से मारने की नीयत से पुलिस के चालक ने उनके ऊपर जीप चढ़ाने की कोशिश की। सीजेएम ने यह मामला भी दर्ज कर 23 मई 2015 को जलालाबाद थाने से आख्या तलब की है।