मंदबुद्धि महिला से गैंगरेप करने वाले तीन युवकों में एक का पुलिस ने शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया है। बताया जाता है कि एक सिपाही ने पूरे मामले की डील कराने में अहम् भूमिका निभाई।
गौरतलब है खुटार का एक युवक बिहार से एक महिला को ले आया था। बीमारी के कारण महिला दिमागी रूप से परेशान रहने लगी तो युवक ने उसे घर से निकाल दिया। बिहार की यह महिला खुटार कस्बे में इधर-उधर घूमा करती थी। 28 मई को तीन युवक उसे तिकुनियां चौराहे से अपने साथ ले गए और गांव बुझिया जाने वाले रास्ते पर एक बाग में गैंगरेप किया। कुछ लोगों को मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने तीनों युवकों को पकड़ लिया। बाद में खुटार थाने के एक चर्चित सिपाही ने इस मामले में डील करनी शुरू कर दी। उसने एक युवक को अपने कमरे में बिठा दिया और दो युवकों को साथ लेकर एक नेता के यहां जा पहुंचा। यहां सौदा तय होने के बाद दोनों युवकों को भी छोड़ दिया गया। एक युवक का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया गया। गैंगरेप के आरोपी का शांतिभंग में चालान किए जाने की क्षेत्र में व्यापक चर्चा है।
एसओ बोले, मंदबुद्धि महिला ने नहीं दी है तहरीर
खुटार। गैंगरेप की घटना की जानकारी मिलने के बाद एसओ खुटार राजेश सिंह का पक्ष जाना गया था तो उन्होंने कहा था कि महिला के साथ गैंगरेप नहीं छेड़छाड़ हुई है। अब आरोपी का शांतिभंग में चालान किए जाने पर उनसे बात की गई तो एसओ का कहना था कि महिला की ओर से तहरीर नहीं मिली है। बड़ा सवाल है कि मंदबुद्धि महिला किस प्रकार तहरीर देती? अगर तहरीर नहीं मिलेगी तो दोषी अपराध कर बच निकलेंगे? यदि एसओ खुद मामले को छेड़छाड़ का मान रहे थे तो फिर अब आरोपी का शांतिभंग में चालान होना यह साबित करता है कि पुलिस ने इस मामले में खेल किया है।
महिला को बदनीयती से दबोचा
तिलहर। कोतवाली अंतर्गत एक गांव निवासी महिला को खेत पर जाते समय गांव के ही एक दबंग ने बदनीयती से दबोच कर तमंचे के बल पर दुराचार की कोशिश की। महिला ने तहरीर देकर पुलिस को बताया वह शनिवार सुबह लगभग दस बजे पति को खेत पर खाना देने जा रही थी। इसी दौरान गांव के एक व्यक्ति ने उसे बदनीयती से पकड़ लिया। चिल्लाने पर जब उसके पति और अन्य लोग आए तो उसने जान से मारने की नीयत से तमंचा तान दिया। बमुश्किल महिला और उसके पति जान बचाकर वहां से भाग आए। पुलिस ने महिला की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।