गढ़िया रंगीन/ तिलहर। 38 साल पहले हुई एक हत्या का आरोपी आखिरकार गुरुवार को पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया। आरोपी वेदराम ने जब हत्या की थी तब उसकी उम्र महज 22 साल थी। अब 60 साल की उम्र में वह पकड़ा गया। इतने सालों तक वह पुलिस को चकमा देकर बचता रहा। गढ़िया रंगीन थाना क्षेत्र के उमरसड़िया गांव में 1977 में हुई वारदात के बाद से वेदराम फरार हो गया था। पुलिस ने उसके पास से एक तमंचा और कारतूस भी बरामद किया है। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। उसपर उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जनपद के खटीमा थाने में भी लूट, हत्या, डकैती और राहजनी के कई मामले दर्ज हैं। वहां की पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित करने के साथ ही ढाई हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा है।
क्राइम रिकार्ड के हवाले से गढ़िया रंगीन थाना प्रभारी उदयवीर सिंह यादव ने बताया कि उमरसरिया गांव में वर्ष 1977 में रक्षपाल यादव की दिनदहाड़े नृशंस हत्या की गई थी। हत्यारे ने उन्हें मारने के बाद उनकी मूंछें तक नोंच डाली थीं। शव का पेट भी फाड़ डाला था। उस घटना ने तब लोगों को दहला दिया था। पुलिस ने बताया कि यहां इसकी खेतीबाड़ी है और वह पट्टे पर खेती कराता भी है। छुप-छुपाकर साल-दो साल में पट्टेदार से यहां रुपये लेने आया करता था। बुधवार रात भी गांव आया हुआ था। सुबह करीब साढ़े पांच बजे मुखबिर से यह सूचना मिलते ही पुलिस टीम गांव पहुंची तो पता चला कि थोड़ी देर पहले ही वह निकल चुका है। तत्काल पुलिस टीम गांव से मुख्य सड़क को जाने वाले मार्ग पर बढ़ी। रास्ते में उमरसड़ के पास सड़क पर वेदराम को टीम ने पकड़ लिया।