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जमीन विवाद में सुपारी देकर कराई गुरदेव की हत्या

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शाहजहांपुर/ पुवायां।
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पुवायां कोतवाली क्षेत्र के गांव बख्तयारपुर में जमीन विवाद को लेकर सुपारी देकर गुरदेव की हत्या कराई गई थी। डेढ़ महीने बाद पुलिस ने दो सुपारी किलर को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया । हत्याकांड में शामिल पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। एसपी देहात सुभाष चंद्र शाक्य का दावा है कि हत्याकांड को अंजाम प्री-प्लान अंजाम दिया गया था। पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के चार अन्य साथी भाग निकलने में कामयाब हो गए। आरोपियों से 315 बोर के दो तमंचे, पांच जीवित कारतूस और दो खोखे बरामद हुए हैं। दोनों हत्यारोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
कोतवाली पुवायां के गांव बख्त्यारपुर में पूर्व प्रधान गुरदेव सिंह की आठ अगस्त को दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गुरदेव की पत्नी तलविंदर कौर ने मामले में पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान पता लगा कि गुरुदेव की हत्या सुपारी देकर कराई गई थी। हत्या के लिए सुपारी देने वाले जंग बहादुर निवासी बेहटा, विजय कुमार उर्फ टिल्लूू निवासी बनियानी, कुशलपाल, सोनू उर्फ सुधीर निवासी अगौना खुर्द और शंभू दयाल निवासी ककराहा थाना पुवायां को पहले ही पकड़ा जा चुका है। वारदात को अंजाम देने वाले शूटर पुलिस की पकड़ से बाहर थे। एसपी केबी सिंह ने शूटरों की गिरफ्तारी को इंटेलीजेंस विंग को भी लगाया था। पुलिस को सूचना मिली कि गुरदेव हत्याकांड में शामिल इनामी हत्यारोपी असलहों के साथ जेवा में जंगल में छिपे हैं। पुलिस ने सूचना के आधार पर घेराबंदी की। इस पर बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए सुपारी किलर रत्नेश उर्फ राजू निवासी जगुआ खेड़ा थाना पिहानी और चीनू उर्फ मनोज निवासी टैनी थाना अडियावां जिला हरदोई को गिरफ्तार कर लिया। इनके चार साथी मौके से भाग निकले। भाड़े के हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को एसपी ने पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
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रत्नेश को गुरदेव ने पेड़ से बांधकर पीटा था
पुवायां। कुशलपाल की दो एकड़ जमीन गुरदेव ने तीन वर्ष के लिए ठेके पर ली थी। कुशलपाल के पिता ने यह जमीन टिल्लू उर्फ विजय कुमार को बेच दी थी। विजय ने जमीन पर कब्जा कर लिया। इस पर गुरदेव ने विजय पर कातिलाना हमला किया था। गांव के कई अन्य लोगों की जमीनों पर भी गुरदेव का कब्जा था। ऐसे में लोग उससे रंजिश मानते थे। इसके चलते शूटरों को दो लाख रुपये सुपारी देकर गुरदेव की हत्या कराई गई थी। सुपारी किलर रत्नेश उर्फ राजू बख्तयारपुर में श्यामलाल महात्मा के साथ रहता था। कई साल पहले गुरदेव ने उसे पेड़ से बांधकर पीटा था। ऐसे में वह भी गुरदेव से रंजिश मानता था। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
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