दहेज हत्या के जुर्म में सास-ससुर को नौ साल की कैद
बंडा के गांव ददियूरी में वर्ष 2014 में कर दी गई थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
अपर सत्र न्यायाधीश मोनिका ठाकुर ने दहेज हत्या के एक मुकदमे में सुनवाई के दौरान आरोपी सास, ससुर को दोष सिद्ध होने पर नौ वर्ष की कैद और चार-चार हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। इसी मामले में आरोपी पति का मुकदमा किशोर न्यायालय बोर्ड में विचाराधीन है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना सदर बाजार क्षेत्र के गांव चिनौर निवासी गंगाराम ने अपनी पुत्री सुरजा देवी की शादी बंडा क्षेत्र के गांव ददियूरी निवासी गंगाचरन के साथ की थी। एक साल बाद दहेज को लेकर विवाद होने लगा। एक जुलाई 2014 को सुबह गंगाराम को सूचना मिली कि उसकी पुत्री सुरजा देवी को ससुरालियों ने गले में फंदा डालकर कमरे में बंद करके हत्या कर दी है। इस मामले में पति, सास, ससुर के खिलाफ बंडा थाने में दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। 19 सितंबर 2016 को पति गंगाचरन की फाइल अलग करके किशोर होने की जांच के लिए भेज दी गई। कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील मनोज कुमार मुनी की ओर से प्रस्तुत सात गवाहों के बयान सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश मोनिका ठाकुर ने आरोपी ससुर शिवकेश व सास गोमती देवी उर्फ रामदेवी को दोषी पाते हुए उन्हें नौ-नौ वर्ष की कैद व चार-चार हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। आरोपी पति का मुकदमा किशोर न्यायालय बोर्ड में चल रहा है।