फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला प्रधान अध्यापक ने फंदे से लटक कर दी जान

विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर। ददरौल ब्लॉक के गांव खिरिया खुर्द स्थित प्राथमिक विद्यालय की महिला प्रधान अध्यापक का शव किराये के कमरे में बृहस्पतिवार को फंदे से लटका मिला। देर शाम शहर पहुंचे परिजन पोस्टमार्टम कराने को राजी नहीं थे। बाद में रजामंदी होने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है। आत्महत्या के पीछे बीमारी की वजह से मानसिक तनाव बताया जा रहा है। दो डॉक्टरों में डॉ. सुरेश व डॉ.ओपी गौतम के पैनल से कराया गया है।
विज्ञापन

कासगंज के मोहल्ला नवाब ठंडी सड़क निवासी अब्दुल हक की पत्नी 30 वर्षीय नजमा खातून यहां शहर के मोहल्ला दिलाजॉक में डॉ. जावेद के मकान में दूसरी मंजिल पर बने कमरे में किराये पर रह रहीं थीं। वह यहां ददरौल ब्लॉक के गांव खिरिया खुर्द में प्राथमिक विद्यालय में प्रधान अध्यापक के पद पर तैनात थीं। रात में किसी समय नजमा खातून ने किराये के कमरे में पंखे के कुंडे में दुपट्टे के सहारे फंदे से लटक कर जान दे दी। पड़ोस में रह रहीं दूसरे स्कूल की टीचर ने सुबह उठने के बाद जब देखा कि नजमा खातून के कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो उसने आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। तब फिर उसने मकान में नीचे रह रहे अन्य किरायेदारों को जानकारी दी। उन लोगों ने भी नजमा को आवाज लगाई, लेकिन अंदर से जवाब नहीं मिला। इसके बाद सदर कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। इंस्पेक्टर किरनपाल सिंह व कैंट चौकी पर तैनात सब इंस्पेक्टर रंजीत सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जैसे-तैसे दरवाजा खोला। इसके बाद अंदर का नजारा देख लोग सकते में आ गए। उसका शव फंदे से लटक रहा था, पैर जमीन को छू रहे थे। पुलिस ने नजमा खातून के मोबाइल से बमुश्किल नंबर खोजकर उसके मायके अमरोहा के थाना नौगवां सादात के गांव मुबारकपुर कलां निवासी पिता मो. अली व कासगंज निवासी पति अब्दुल हक को दी। शाम लगभग चार बजे मृतका के पति और मायके से चाचा प्रधान जावेद व भाई आ गए। काफी देर तक शव का पोस्टमार्टम नहीं कराए जाने को लेकर दोनों में पक्षों में बातचीत होती रही। बाद में पोस्टमार्टम कराने को राजी हो गए। मृतका नाजमा के पति कासगंज में आजाद गांधी इंटर कॉलेज में फिजिक्स के लेक्चरर हैं। मृतका के चाचा प्रधान जावेद ने पूछने पर कोई भी जानकारी देने से इंकार कर दिया।

तनाव में रहती थी नजमा
बमुश्किल पूछने पर मृतका नजमा खातून के पति अब्दुल हक ने बताया कि उनकी शादी वर्ष 2014 में हुई थी। वर्ष 2015 में पत्नी को शिक्षक की नियुक्ति मिली थी। वर्ष 2016 में बेटी का जन्म हुआ था। उसकी चार माह बाद बीमारी से मृत्यु हो गई थी। पत्नी इसी तनाव में रहती थी और डेंगू से पीड़ित हो जाने पर कमजोरी की वजह से कुछ चिड़चिड़ापन होने से भी तनाव में रहती थी। कुछ प्रधान अध्यापक होने के नाते काम का दबाव भी रहता था। पति ने बताया कि दो-तीन दिन यहां पत्नी के पास रुक कर रविवार को चले गए थे। पत्नी ने ऐसा क्यों किया समझ में नहीं आ रहा है।
विज्ञापन


महिला शिक्षक की मौत मामले में परिवार वालों का कहना है कि उसकी चार माह की पुत्री की मौत के बाद से वह तनाव में रहती थी। प्रथम दृष्ट्या मामला आत्महत्या का लग रहा है। दोनों परिवारों के लोग भी तनाव के चलते उसके खुदकुशी की बात कह रहे हैं। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। उसके मिलने पर जो तथ्य सामने आएंगे उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
किरनपाल सिंह, इंस्पेक्टर सदर कोतवाली

मृतका के चाचा जावेद अमरोहा के थाना नौगवां सादात के गांव मुबारकर कलां के प्रधान है। उन्होंने किसी तरह का कोई आरोप नहीं लगाया है। उनका कहना है कि नजमा बेटी की मौत के बाद से खुद भी बीमार रहने लगी थी। उसका लखनऊ से इलाज चल रहा था। 15 दिन वह लखनऊ में भर्ती भी रही थी।
विज्ञापन

रंजीत सिंह, कैंट चौकी प्रभारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें