फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंगलवार को चक्का जाम और बुधवार को पिट गई पुवायां पुलिस

विज्ञापन
विज्ञापन
पुवायां (शाहजहांपुर)। खेत में युवक का शव मिलने के बाद पिता की ओर से मृतक के ससुर सहित पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस पर कार्रवाई म शिथिलता बरते जाने का आरोप लगाते हुए गांव के तमाम लोगों ने पोस्टमार्टम के बाद चक्का जाम कर दिया। इससे भी पुलिस ने सबक नहीं लिया। बुधवार सुबह अधिकारियों से मिलने जा रहे घरवालों को पुलिस ने रोका तो महिलाओं ने एक दरोगा और दो सिपाहियों को पीट दिया, हालांकि पुलिस पिटाई की बात से इंकार कर रही है।
विज्ञापन

गांव चादर गौंटिया निवासी 30 वर्षीय सुरेंद्रपाल की ससुराल पास के ही गांव नगरा गौंटिया में है। सुरेंद्रपाल के ससुर राजेंद्र प्रसाद ने उस पर जेवर चोरी कर लिए जाने का आरोप लगाया था। इसको लेकर विवाद चल रहा था। सोमवार शाम से सुरेंद्रपाल गायब हो गया। मंगलवार सुबह उसका शव गांव चादर गौंटिया और गांव नगरा गौंटिया के बीच गन्ने के खेत में पेड़ के नीचे पड़ा मिला। मृतक के गले में रस्सी बंधी थी। रस्सी का आधा हिस्सा खेत में खड़े पेड़ से लटक रहा था। जानकारी पाकर सुरेंद्र के परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवा दिया।
मृतक के पिता खुशीराम ने सुरेंद्रपाल के ससुर राजाराम, साढ़ू गांव धर्मगदापुर निवासी ज्ञानचंद्र और ज्ञानचंद्र के पिता सहित पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि सोमवार दिन में उक्त लोग उसके पुत्र की तलाश में गांव आए थे और बाद में सुरेंद्र गायब हो गया। हत्या में उक्त पर आशंका जताई गई थी। पुलिस ने राजेंद्र को पकड़ भी लिया था। पोस्टमार्टम के बाद शव को पुवायां लाकर राजीव चौक पर रखकर चक्का जाम कर दिया गया। मृतक के परिवार और गांव के तमाम लोगों का आरोप था कि नामजदगी के बाद भी पुलिस ने केवल राजेंद्र को ही पकड़ा है और उसे भी जेल नहीं भेजा गया है। इस दौरान महिलाओं की पुलिस से खूब नोकझोंक हुई। भीड़ को उग्र देखकर सिंधौली कोतवाली से भी फोर्स को बुला लिया गया। तहसीलदार विजय मिश्रा, सीओ एमएस रावत आदि के समझाने पर जाम खेल दिया गया और परिवार के लोग शव को घर ले गए।
विज्ञापन

बुधवार सुबह परिवार के लोगों ने कार्रवाई नहीं होने तक सुरेंद्र का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया और अधिकारियों से मिलने जिला मुख्यालय चल दिए। आरोप है कि पुवायां शाहजहांपुर मार्ग पर दरोगा सुरेश सिंह ने सुरेंद्र के घर और गांव वालों को ले जा रहे मैजिक का रूकवाकर चालक को पीटना शुरू कर दिया। इस पर मैजिक सवार महिलाओं ने पुलिस वालों को पीट दिया। मारपीट में एक दरोगा और दो सिपाहियों को गुम चोटें आईं। बवाल बढ़ने पर पुलिस बैकफुट पर आ गई और वापस कोतवाली लौट गई। इसके बाद परिवार के लोग शाहजहांपुर जाकर एएसपी से मिले। एएसपी ने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद शाम को सुरेंद्रपाल का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस ने मृतक के ससुर राजेंद्र को गिरफ्तार कर उसका चालान कर दिया है।
चक्का जाम के बाद भी बरती पुलिस ने लापरवाही
पुवायां। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद गांव के तमाम लोगों के साथ सुरेंद्र के घरवालों ने पुवायां में चक्का जाम किया था। लगभग डेढ़ घंटे तक चले जाम को खुलवाने में पुलिस को पसीना आ गया था, लेकिन इसके बाद भी लापरवाही बरती गई और बुधवार सुबह अंतिम संस्कार के बारे में पुलिस ने जानकारी लेने का प्रयास नहीं किया। जब परिवार और गांव के लोग शाहजहांपुर के लिए चले तो उन्हें बलपूर्वक रोकने का प्रयास किया गया, जिससे स्थित खराब हो गई। वह तो पुलिस पिटाई के बाद भी पीछे हट गई, नहीं तो स्थिति और भी खराब हो सकती थी।
पुलिस ने की मारपीट
पुवायां। मृतक सुरेंद्रपाल के पिता खुशीराम का कहना है कि पुत्र की मौत में पुलिस आरोपियों की मदद कर रही है। यह शिकायत करने वह लोग शाहजहांपुर जा रहे थे। रास्ते में गांव कुंवरपुर के पास पुलिस ने उनके वाहन को घेर लिया और जबरिया गांव वापस जाने को कहने लगे। उनके वाहन चालक को दरोगा ने पीट दिया। इसका उन लोगों ने विरोध किया तो पुलिस ने पीटना शुरू कर दिया। महिलाओं तक को नहीं बख्शा। गांव के किसी व्यक्ति ने पुलिस को नहीं पीटा है।
चक्का जाम के दौरान होर्डिंग भी फाड़े
पुवायां। चक्का जाम के दौरान गांव चादर गौंटिया के लोगों ने राजीव चौक पर लगे होर्डिंग फाड़ कर उनमें लगे पाइप निकाल लिए और जिस किसी ने भी जाम के दौरान बाइक आदि वाहन निकालने का प्रयास किया, उसे दौड़ा लिया गया। इस दौरान एक बाइक में तोड़फोड़ भी की गई। उग्र भीड़ के कारण पुलिस तमाशबीन बनी रही।
सुरेंद्रपाल के घर वालों के बुधवार सुबह जिला मुख्यालय पर जाने की जानकारी मिली तो मैंने उन्हें रास्ते में रोककर समझाने का प्रयास किया था। वह लोग शाहजहांपुर जाने की जिद पर अड़े रहे तो पुलिस कोतवाली लौट आई। पुलिस के मारपीट करने और पुलिस की पिटाई होने की बात गलत है।
विज्ञापन

हरीश राजपूत कोतवाली प्रभारी पुवायां
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें