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मजदूरों की नेपाल से वापसी को गृह मंत्रालय से पत्राचार

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शाहजहांपुर। गृह मंत्रालय से पत्राचार किए बगैर नेपाल में फंसे शाहजहांपुर के 11 मजदूरों की रिहाई कराने नेपाल पहुंचने के बाद वहां की पुलिस का सहयोग न मिलने के बाद बैरंग लौटी शाहजहांपुर पुलिस गलती का अहसास होने के बाद अब केंद्रीय गृह मंत्रालय से पत्राचार शुरू की है। पुलिस का कहना है कि अभी गृह मंत्रालय से इस संबंध में कोई अधिकारित पत्र नहीं मिला है, लेकिन उच्च स्तर पर मजदूरों की वापसी के प्रयास किए जा रहे हैं। मजदूरों की वापसी के लिए गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय के दखल के बाद दोनों देशों के दूतावासों के बीच वार्ता होगी। ऐसे में मजदूरों की वापसी में अभी देरी होने की बात कही जा रही है।
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बताते चलें कि तिलहर के गांव विकरनपुर के मजदूर मिंटू, भगवानदास, पृथ्वीराज, मगरेलाल, बवलेश, रामकिशोर, महेश, विश्राम, नक्षत्रपाल, रामऔतार, राधेश्याम को करीब छह महीने पहले निगोही के गांव जठियापुर का टिंकू और जिंदपुरा का बदरुद्दीन नौकरी दिलाने के लिए नेपाल ले गया था। मजदूरों के परिवार के श्यामबहादुर, शिवचरन लाल ने 13 मार्च को मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि टिंकू और बदरुद्दीन ने सभी लोगों को नेपाल में ईंट भट्ठा पर बेंच दिया। मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद शाहजहांपुर पुलिस की एक टीम नियमविरु द्द तरीके से मजदूरों को मुक्त कराने के नाम पर नेपाल पहुंच गई थी। जहां नेपाल की पुलिस ने उनका सहयोग नहीं किया था यही नहीं उन्हें नियमों का हवाला देते हुए खासा जलील भी किया था। गलती का अहसास होने के बाद शाहजहांपुर पुलिस बैरंग वापस लौट आई थी। हालांकि, पुलिस टीम की रवानगी और आमद तिलहर थाने की जीडी में दर्ज है, लेकिन, नेपाल जाने के लिए उच्च स्तर से कोई आदेश नहीं लिया गया। इसके बाद भी उच्च स्तर से आदेश प्राप्त किए बगैर नेपाल पहुंचे पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। गलती का अहसास होने के बाद अब गृह और विदेश मंत्रालय से संपर्क साधने के लिए पत्राचार शुरू किया गया है। बताया जाता है कि दो देशों के दूतावास के बीच वार्ता के बाद दूसरे देश से किसी की वापसी लंबी प्रक्रिया है। ऐसे में मजदूरों की वापसी में अभी देरी हो सकती है। इधर, वापसी को लेकर मजदूरों के परिवार वाले परेशान हैं।

गृह और विदेश मंत्रालय से मजदूरों की वापसी के संबंध में पत्राचार किया जा रहा है। गृह मंत्रालय को रिपोर्ट और जरूरी सूचनाएं भेजी गई हैं। दोनों देशों के दूतावासों के बीच वार्ता होगी। इसके बाद मजदूरों की वापसी हो जाएगी। नेपाल पड़ोसी और मित्र राष्ट है। मजदूरों की वापसी में ज्यादा देर नहीं होगी।
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मंगल सिंह रावत, सीओ तिलहर

विदेश मंत्रालय से संपर्क किया जा रहा है। इस संबंध में रिपोर्ट तैयार की जा रही है। नेपाल मित्र राष्ट्र है। विदेश मंत्रालय को रिपोर्ट भेजे जाने के बाद मजदूरों की घर वापसी में देरी नहीं होगी। जल्द रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
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- सुभाष चंद्र शाक्य, एसपी देहात
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