रोजा(शाहजहांपुर)। सोमवार का दिन जमुही वालों के मनहूस साबित हुआ। दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष में दो लोगों की मौत के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था। गांव में केवल पुलिस की चहलकदमी दिखाई दे रही थी, तो मृतकों के घर से रोने-बिलखने की आवाजें सुनाई दे रहीं थीं। दूसरी ओर तीन दिन पहले सोनू कठेरिया के चचेरे भाई विनोद और माया प्रकाश के परिवार के रामनिवास, रमेश, विनोद के बीच खेत पर मूंगफली खाने-खिलाने को लेकर हुई मारपीट की घटना में सोनू के चचेरे भाई विनोद ने तीनों के खिलाफ मारपीट व एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस टीम आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश देने गई लेकिन आरोपी नहीं मिले। दोबारा पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी की जहमत नहीं उठाई। रोजा पुलिस की केवल एक बार दबिश देने की दलील को एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने लापरवाही पूर्ण रवैया मानते हुए एसआई ओमपाल सिंह, एसआई हिमांशु शुक्ला, मुख्य आरक्षी सुकेंद्रपाल और योगेश कुमार को निलंबित कर दिया।
गांव में पुलिस की मौजूदगी की वजह से गांव के लोग कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। दबी जुबान हर किसी के मुंह से एक ही बात निकल रही थी कि जो कुछ भी हुआ वह बुरा हुआ और इसमें पूरी तरह से दोषी पुलिस है। 15 दिन पहले छेड़छाड़ के मामले में और तीन दिन पहले मूंगफली के खेत में सोनू के चचेरे भाई विनोद और माया प्रकाश के परिवार के रामनिवास, रमेश विनोद के बीच हुई मारपीट के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों के मुताबिक संतोष की दुकान पर पंचायत के लिए लोग जमा हुए थे लेकिन यहां विवाद हो गया और गोली चलने पर सोनू की मौत हो गई। जबकि सोनू के परिजनों का आरोप है कि दुकान के सामने से निकलते समय सोनू को संतोष व उसके परिजनों ने घेर लिया और घटना को अंजाम दे दिया। इस घटना के बाद गांव में महिलाएं और बच्चों के चेहरों पर दहशत का भाव साफ नजर आ रहा था। मृतकों के परिवार की बिलख रही औरतों को देखकर हर किसी की आंख नम हो रही थी।
चार भाइयों में सबसे छोटा था सोनू
गोली से मारे गए सोनू चार भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी शादी नहीं हुई थी। बड़ा भाई रिंकू भी अविवाहित है। वह एमटेक कर रहा है। मोनू और भूरे शादीशुदा हैं। तीन बहन वंदना, अर्चना, सूबी हैं। घटना के बाद सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।
बच्चों के सिर से उठ गया पिता का साया
माया प्रकाश की पत्नी रामसुखी की करीब आठ साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। उसके दो बच्चे हैं, जिनमें छोटी बिटिया दस वर्ष और बेटा ऋषिकपूर 12 वर्ष का है। पिता की हत्या के बाद दोनों भाई-बहन गुमसुम हैं।
सात मीटर दूरी से सोनू को मारी गई गोली
जमुही गांव के सोनू के शव का पोस्टमार्टम कराए जाने पर उसके सीने में 315 बोर की बुलेट फंसी मिली। उसे लगभग सात मीटर की दूरी से गोली मारी गई। वहीं माया प्रकाश के शव का पोस्टमार्टम कराए जाने पर उनकी मौत सिर में चोट लगने की वजह से हुई। शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोट के निशान मिले हैं।