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चरस तस्करी में 15 वर्ष की कैद, डेढ़ लाख का जुर्माना

Mon, 26 Oct 2015 11:32 PM IST
शाहजहांपुर
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अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय भानुदेव शर्मा ने चरस की तस्करी करने के जुर्म में पीलीभीत के पूरनपुर निवासी इस्लामुद्दीन उर्फ लंगड़ा उर्फ लकी को 15 वर्ष की कैद और डेढ़ लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की दशा में तीन वर्ष अतिरिक्त कैद की सजा होगी। इस्लामुद्दीन नेपाल से तस्करी करके चरस शाहजहांपुर, बरेली और दिल्ली में बेचता था। 18 मई 2013 को वह शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन के पास सुभाषनगर इलाके में पकड़ा गया था।
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पीलीभीत के पूरनपुर थाना क्षेत्र के शेरपुर कलां गांव का रहने वाले लंगड़ा उर्फ लकी 18 मई 2013 की शाम करीब पौने सात बजे दाहिने हाथ में बड़ा झोला लिए सुभाष नगर तिराहे से गुजर रहा था। तभी उसने वहां ड्यूटी पर तैनात सदर बाजार थाने के एसएसआई हरिराम त्रिपाठी की अगुवाई वाली पुलिस टीम को देखा तो कुछ सकपका गया और वापस मुड़कर ईदगाह की ओर जाने लगा। इस पर पुलिस वालों को शक हुआ तो करीब 30 कदम की दूरी पर तेजी से पीछा कर उसे रोका और तलाशी ली। उसके झोले से 15 पैकेट में कुल करीब 10.1 किग्रा चरस बरामद हुआ। उसमें से 100 ग्राम का नमूना सील कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया। उसी रात करीब सवा आठ बजे इसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर विवेचना एसआई यशपाल सिंह नैन को सौंपी गई। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने पर पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दायर कर दी। सरकारी वकील संजय सिंह तोमर ने कुल सात गवाह प्रस्तुत किए। आरोपी ने सुनवाई के दौरान तस्करी की बात कबूली। प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान सुनने के बाद सोमवार को एडीजे तृतीय ने फैसला सुनाया।
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