शाहजहांपुर। एसपी केबी सिंह ने रविवार देर रात सभी थानाध्यक्षों से मीटिंग कर अपराधों की समीक्षा की। मीटिंग में वैसे तो कई थानेदार निशाने पर रहे लेकिन गाज गिरी पुवायां कोतवाल हरीश राजपूत पर। उन्हें एसपी ने लाइनहाजिर कर दिया और उनके स्थान पर अमरोहा से आए इंस्पेक्टर अशोक सोलंकी को चार्ज सौंप दिया।
रविवार रात लगभग दस बजे एसपी ने अपने कार्यालय के मीटिंग हाल में रात एक बजे तक एक-एक करके सभी थानेदारों से वांछित, गैंगेस्टर एक्ट के फरार अपराधियों व नामजद अपराधियों की गिरफ्तारी के बारे में और चलाए गए अभियान में गिरफ्तारी व दर्ज मामलों की विवेचनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पुवायां, जलालाबाद, तिलहर सर्किल क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं पर थानेदारों को नसीहत देते हुए क्राइम कंट्रोल करने को कहा। पुवायां में वारदातों और लुटेरों व चोरों की गिरफ्तारी न हो पाने पर एसपी कुछ ज्यादा ही खफा दिखे, उन्होंने कोतवाल हरीश राजपूत को लाइन में आमद कराने का आदेश दिया और अशोक सोलंकी को पुवायां कोतवाली का इंचार्ज बना दिया। एसपी ने सख्त लहजे में कहा कि अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए, इसमें लापरवाही बरतने वाले थानाध्यक्षों पर कड़ी विभागीय कार्रवाई होगी।
कार्यकाल में रही घटनाओं की बाढ़
पुवायां। कोतवाल हरीश राजपूत के कार्यकाल में गांव बखत्यारपुर के गुरदेव सिंह की हत्या का मामला बेहद चर्चित रहा। आठ अगस्त को हुई इस हत्या में शामिल सुपारी किलर अब तक पकड़ से बाहर हैं। इसके अलावा 16 अगस्त गांव चादर गौंटिया निवासी 30 वर्षीय सुरेंद्रपाल का शव मिलने के बाद चक्का जाम किए जाने और 17 अगस्त को सुरेंद्रपाल के समर्थकों को एसपी के पास जाने से रोके जाने पर पुलिस की पिटाई, गंगसरा के नवजोत कांड में पुलिस की लापरवाही से हालात बिगड़ने के लिए पुलिस की लापरवाही कार्यशैली ही जिम्मेदार रही। कोतवाली से चंद कदम दूर किराना व्यापारी अवधेश कटियार से पांच लाख रुपये की लूट, एक ही रात में पांच घरों से 20 लाख से अधिक की संपत्ति चोरी आदि मामले भी काफी चर्चित रहे। किसानों पर रिपोर्ट दर्ज किए जाने पर इंस्पेक्टर को हटाए जाने के लिए भाकियू का आंदोलन, वकील अमित दीक्षित पर रिपोर्ट दर्ज होने पर सिविल बार एसोशिएसन का आंदोलन का अल्टीमेटम भी कोतवाल के लाइन हाजिर होने का कारण बन गए। नए कोतवाली प्रभारी के सामने गुरदेव हत्याकांड के शूटरों की तलाश, किराना व्यापारी और बड़ी चोरियों में शामिल बदमाशों को पकड़ने की चुनौती है।