फोटो-35,जलालाबाद में पकड़े गए पुलिस पर हमला करने के आरोपी
फोटो-36,37,जलालाबाद के गांव हारकटेटा में दबिश के दौरान पुलिस द्वारा की गई तोड़फोड़
हमलावरों के घरों पर पुलिस ने बरपाया कहर
आरोपियों के घर की तोड़फोड़, मां-बेटी सहित पांच गिरफ्तार
कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी के साथ दी गई दबिश
मुख्य आरोपी पुलिस फोर्स के पहुंचने से पहले हो गए फरार
अमर उजाला ब्यूरो
जलालाबाद। पुलिस पिटाई प्रकरण के आरोपियों की तलाश में शुक्रवार को एएसपी ग्रामीण के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस ने पीएसी के साथ ताबड़तोड़ दबिशें दीं। इस दौरान पुलिस ने नामजद मां-बेटियों सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। बड़े स्तर पर हुई इस कार्रवाई से गांव में हड़कंप मचा रहा। प्रशासन की सख्ती से घबराए आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए। आरोप है कि दबिश के दौरान पुलिस ने आरोपियों के घर में तोड़फोड़ भी की।
शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे एएसपी सुभाष चंद्र शाक्य के नेतृत्व में जलालाबाद, कलान, मिर्जापुर, परौर, अल्लागंज, मदनापुर, गढ़ियारंगीन और कांट थाने की पुलिस फोर्स के साथ गांव हारकटेटा में दबिश दी गई। इस दौरान पुलिस ने नामजद आरोपी उमेश, श्याम सिंह के अलावा वेदपाल की पत्नी शर्मा देवी और उनकीं दो पुत्रियों शिवानी व शिवांगी को गिरफ्तार कर लिया। हालंाकि इस प्रकरण के मुख्य आरोपी पुलिस के पहुंचने से पहले ही भाग निकले। इसके बाद दोपहर के समय आरोपियों की तलाश में पीएसी के साथ फिर दबिश दी गई लेकिन कोई आरोपी नहीं मिला।
मालूम हो कि बृहस्पतिवार को गांव हारकटेटा में खेत पर कब्जा कर लेने की शिकायत पर गांव पहुंची पुलिस पार्टी पर कब्जे करने के आरोपियों ने हमला बोलते हुए कोतवाल व एसआई समेत कई सिपाहियों को लाठी डंडो से पीट दिया। इस मामले में पुलिस की ओर से आठ महिलाअंो समेत सत्रह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। आरोप है कि दबिश के नाम पर पुलिस ने उनके घरों में काफी तोड़फोड़ की, जबकि पुलिस तोड़फोड़ करने की बात से इंकार कर रही है।
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पांच साल पुराना है विवाद
कस्बे से करीब 12 किलोमीटर दूर कटरी क्षेत्र की ग्राम पंचायत शुक्लामई के मजरा हारकटेटा में सबसे ज्यादा आबादी कश्यप बिरादरी की है, जबकि दो परिवार यादवों के हैं। इनमें एक पक्ष चमेली देवी के परिवार का है, जबकि दूसरा पक्ष महेंद्र आदि का है। महेंद्र का बड़ा परिवार है और उसमें डेढ़ सौ के करीब सदस्य हैं। इस गांव में दस एकड़ से ज्यादा जमीन ग्राम समाज की पड़ी थी। जिसमें गांव के कुछ लोगों के नाम पट्टे किए गए थे। बताते हैं कि वर्ष 1990 में महेंद्र ने बोर्ड आफ रेवन्यू में अपनी पैठ बनाकर किसी तरह यह जमीन अपने नाम करा ली। गांव का प्रधान बदलने पर उसने इस मामले में पैरवी की और वर्ष 2013 में बोर्ड आफ रेवन्यू की डबल बेंच में मामले की सुनवाई होने के बाद पहले का आदेश खारिज कर दिया गया। इसके बाद महेंद्र इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट से स्टे ले आए।
बताते हैं कि वर्ष 2013 इन्हीं में से एक पट्टाधारक राजेश कुमार की जमीन का बैनामा यादव विरादरी के दूसरे पक्ष के भैयालाल की पत्नी चमेली देवी ने करा लिया। चमेली देवी के बैनामे वाली जमीन अलग है लेकिन गाटा संख्या एक ही होने के कारण महेंद्र आदि का पक्ष हाईकोर्ट के उस स्टे की आड़ में अपना हक जताता चला आ रहा है। जांच पड़ताल में प्रशासन चमेली देवी की जमीन को विवादित नहीं मानता, जबकि महेंद्र आदि आए दिन अपना हक जताते हुए विवाद खड़ा कर देते हैं। यह भी बताया जा रहा है कि इस जमीन के काफी हिस्से पर महेंद्र आदि ने मकान भी बनवा रखे हैं।
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कार्रवाई के डर से सहमे हैं आरोपी
गांव हारकटेटा में बस्ती से काफी अलग उत्तर साइड में बने पांच-छह मकान आरोपी पक्ष के लोगों के हैं। यहां सन्नाटा फैला हुआ है। इन सभी घरों में मेन गेट से लेकर अंदर कमरों तक के दरवाजे खुले पड़े हैं और यहां एक बच्चा तक मौजूद नहीं है। पुलिस की सख्ती के बाद घर के बड़े बूढों से लेकर बच्चे तक भूमिगत हो चुके है देखभाल के लिए जो लोग घरों में छिपे थे शुक्रवार सुबह दबिश के दौरान पुलिस उन्हें उठाकर जेल भेज चुकी है। गांव में इस प्रकरण को लेकर कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं है।