कब्र खोदकर निकाले गए दो बच्चों के शव
मौत की वजह जानने को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
चार महीने पहले हुई थी दोनों बच्चों की मौत
मां ने पड़ोसियों पर लगाया हत्या का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
ईसानगर। चार महीने पहले पांच दिन के अंतराल में हुई भाई-बहन की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। बच्चों की मां ने पड़ोसी दंपति और उसके बेटे पर हत्या का आरोप लगाते हुए कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज करा दी है। इस मामले में डीएम के आदेश पर शुक्रवार को पुलिस की मौजूदगी में कब्र खोदवाकर बच्चों के शव निकलवाए गए और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए। शनिवार को दोनों शव के पोस्टमार्टम होंगे।
थाना ईसानगर के गांव सेमरिया निवासी सर्वेश पुत्र मैकू भार्गव के तीन वर्षीय पुत्र राहुल की 26 फरवरी को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शव को दफन कर दिया गया था। गांव वालों के अनुसार, घटना के समय बच्चे के परिवार वाले पड़ोसी जदीश पर टोना, टोटका का आरोप लगा रहे थे। इसी को लेकर पांचवें दिन सर्वेश और जगदीश के परिवार के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद सर्वेश की सात माह की बच्ची चोटहिल हुई और उसकी अस्पताल में मौत हो गई थी। परिवार वालों ने कोई कार्रवाई करने के बजाय बच्ची के शव को भी दफना दिया था। घटना के एक महीने बाद बच्चों की मां सावित्री देवी ने कोर्ट में वाद दायर कर दिया कि उसके पड़ोसी जगदीश ने संतान न होने के कारण तंत्र-मंत्र के लिए उसके लड़के राहुल को बहला-फुसलाकर अपने घर में बुलाया और जहर देकर मार दिया। घटना के पांच दिन बाद दो मार्च को रंजिश मान रहे पड़ोसियों ने सर्वेश के घर धावा बोल दिया था और उसकी पत्नी सावित्री देवी के साथ मारपीट की। इस दौरान सावित्री देवी की गोद में उसकी सात माह की पुत्री छोटी के भी गंभीर चोटें आई थी। बाद में उसकी मौत हो गई थी। उसने दोनों मामलों की तहरीर पुलिस को दी। आरोप है कि पुलिस ने विपक्षियों के दबाव में न रिपोर्ट लिखी न पोस्टमार्टम कराया। इस पर उसने कोर्ट की शरण ली। अदालत के आदेश पर पुलिस ने 25 जून 2018 को सावित्री देवी की ओर से पड़ोसी जगदीश, उसकी पत्नी रामरानी और उमेश के खिलाफ हत्या, मारपीट सहित कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस ने मुकदमे के निस्तारण के लिए शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए शवों को खुदवाने की अनुमति डीएम से मांगी थी। थाना ईसानगर प्रभारी निरीक्षक आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया की डीएम की अनुमति मिलने के बाद शुक्रवार को तहसीलदार अभिमन्यु कुमार की मौजूदगी में कब्र से दोनों शव निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
कब्र खोदवाने पहुंची पुलिस तो लग गई भीड़
गांव सेमरिया में बच्चों की कब्र खोदवाने की जानकारी मिली तो भीड़ जमा हो गई। कोतवाल आलोक मणि त्रिपाठी आरोपी के घर गए तो वहां सिर्फ महिलाएं मिलीं। महिलाओं का कहना था कि उन्हें फंसाया जा रहा है। बच्चे बीमार थे, यह हर कोई जानता है। अब दुश्मनी निकाली जा रही है।
वर्जन.....
पहले बच्चे की मौत बीमारी से हुई थी, जबकि दूसरी बच्ची को विवाद में चोट आने की जानकारी मिली है लेकिन घटना के समय परिवार वाले कोई कार्रवाई नहीं चाहते थे। दोनों ही परिवार टोना-टोटका करने का आरोप एक दूसरे पर लगा रहे हैं। मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर विवेचना शुरू की जाएगी। कोई दोषी मिला तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
- श्रेष्ठा ठाकुर, सीओ-धौरहरा।