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12 लोगों को भेजा गया जेल

Sun, 29 Nov 2015 11:46 PM IST
खुटार।
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शनिवार को मतदान के दौरान गांव प्रतापपुर में प्रधान पद के दो प्रत्याशियों के समर्थक आपस में भिड़ गए थे। इस दौरान दोनों ओर से पथराव और मारपीट हुई थी। पथराव में छह लोग चोटिल हो गए थे। सूचना मिलने पर पुलिस गांव पहुंची थी और 12 लोगों को पकड़कर हवालात में डाल दिया था।
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एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी पाकर नेताओं ने उन्हें छुड़ाने के लिए पैरवी शुरू कर दी, लेकिन पुलिस ने उनकी एक न सुनी और पकड़े गए लोगों सहित 17 लोगों के खिलाफ धारा 160, 186, 188, 323, 504, 506, 336, 147, 149, 353, 338, आईपीसी और 7 क्रिमनल लॉ एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस ने नवल किशोर सिंह, कमल किशोर, विमल किशोर, अमृत पाल, कृष्ण कुमार, छोटे सिंह, ब्रजपाल सिंह, राजकुमार, कुलदीप, विकेश, योगेंद्र, संदीप को रविवार को जेल भेज दिया है। रिपोर्ट में दर्ज पांच अज्ञात लोगों के बारे में जानकारी की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई से गांव में हड़कंप मचा हुआ है। बवाल करने में शामिल अन्य लोग अपने बचाव के लिए नेताओं की परिक्रमा कर रहे हैं। एसओ जसवीर सिंह ने बताया कि घटना में शामिल शेष लोगों को भी शीघ्र गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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मोहनपुर के तीन लोगों पर भी हुई रिपोर्ट
खुटार। गांव मोहनपुर के अवधेश कुमार, राजेश कुमार, सुधीर मतदान के समय फर्जी वोट डलवाने का प्रयास कर रहे थे। लोगों ने विरोध किया तो हंगामा कर विवाद करने का प्रयास किया। पुलिस ने तीनों के खिलाफ 127 ए, 4/24 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम और 171 जे के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।

आचार संहिता का उल्लंघन करने में तीन प्रत्याशियों पर रिपोर्ट
खुटार। गांव मुरादपुर से प्रधान पद की प्रत्याशी रामेंद्र वर्मा की पत्नी मालती देवी, गांव औरंगाबाद से प्रधान पद की प्रत्याशी शफीउर्रहमान की पत्नी अंजुम खान और नजर अहमद की पत्नी रहनुमा बेगम चुनाव प्रचार का समय समाप्त होने के बाद भी प्रचार कर रही थीं। इसके अलावा सार्वजनिक स्थान पर पोस्टर, टेंट आदि लगाकर आचार संहिता का उल्लंघन कर रही थीं। तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

चुनाव बाद प्रत्याशियों के दर्शन हुए दुर्लभ
पुवायां। शनिवार को वोट पड़ने के बाद वोटरों को शराब और मीट नसीब होना तो दूर प्रत्याशियों के दर्शन कर दुर्लभ हो गए। प्रत्याशी के यहां जाने पर समर्थकों और वोटरों को टका सा जवाब दे दिया गया कि प्रत्याशी थक गए हैं और सो गए हैं। इससे पियक्कड़ों और मुफ्त को रोटी तोड़ने वालों को भारी निराशा हुई।

प्रधान प्रत्याशियों को मिला आराम
खुटार। प्रधान पद का चुनाव निकल जाने के बाद प्रधान प्रत्याशियों ने चैन की सांस और रात में जमकर नींद ली। दूसरे प्रत्याशियों के उपहार बांटने की अफवाह के चलते विरोधी प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने बृहस्पतिवार और शुक्रवार को पूरी रात जागकर वोटरों की रखवाली की। शनिवार को वोट पड़ जाने के बाद प्रत्याशी निश्चित हो गए और नींद का जमकर आनंद लिया।
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