पुवायां (शाहजहांपुर)। श्रीलंका से चलकर प्रेमी प्रदीप से शादी करने बंडा के गांव डभौरा पहुंची शमीका बिना शादी किए वापस अपने वतन लौट गई है। बताया जाता है कि शकीमा के पिता के नहीं आने के कारण शादी कार्यक्रम आगे के लिए टाल दिया गया। प्रदीप और उसके परिवार वाले इस संबंध में कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं।
बतातें चलें कि श्रीलंका के कुरूनेशन के समा गौसारी वाटियाप्रज निवासी उपाली पदम कुमार की पुत्री शमीका की बंडा के गांव डभौरा सेवा निवासी रामस्वरूप के पुत्र प्रदीप से तीन वर्ष पहले फेसबुक पर जान पहचान हुई थी। दोनों के बीच चैटिंग शुरू हुई तो कुछ ही दिन में दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे। शमीका और प्रदीप ने एक वर्ष तक एक दूसरे को खूब समझा। इसके बाद दोनों ने अपने प्यार का इजहार करते हुए साथ जीने मरने की कसम खा ली। शमीका ने परिवार के लोगों को भी पूरे मामले की जानकारी दी और प्रदीप से बात भी कराई थी। इसके बाद शमीका के परिवार के लोग भी शादी को तैयार हो गए थे। आठ अप्रैल को शमीका ने अपनी बहन अयोमा लकमानी और मां रजनी राजपक्षे के साथ कोलंबो से प्लेन से चेन्नई और वहां से लखनऊ पहुंची थी। नौ अप्रैल को प्रदीप सभी को लखनऊ से घर ले आया था।
शमीका और प्रदीप 11 अप्रैल को पुवायां आए थे और एक वकील से कोर्ट मैरिज के बारे में सलाह ली थी। वकील से वार्ता के बाद दोनों बंडा लौट गए थे। प्रदीप ने बताया कि वह और शमीका का कहना हैं कि 21 अप्रैल को शादी करने वाले थे, लेकिन अब पक्का नहीं है कि शादी कब होगी। शमीका के पिता का अभी भारत आने का कार्यक्रम था, लेकिन वह किसी कारण नहीं आ सके। शमीका, उसकी मां और बहन का टूरिस्ट वीजा 23 अप्रैल तक का था, जिस कारण वह लोग वापस लौट गए।