पुवायां। नाबालिग को ले जाने के आरोपी के खिलाफ साढ़े तीन माह बाद कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने पिता की तहरीर पर कार्रवाई नहीं की तो कोर्ट की शरण ली गई।
पुवायां के एक गांव निवासी व्यक्ति ने बताया कि सात दिसंबर 2020 को उनकी 15 वर्षीय पुत्री को वीरेंद्र अपने साथियों की मदद के साथ बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया था। काफी प्रयास के बाद पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज की थी और अधिकारियों से शिकायत के बाद पुत्री को बरामद किया गया था। बाद में उनकी पुत्री को न्यायपीठ बाल कल्याण समिति की ओर से लखनऊ के मोतीपुर स्थित बाल गृह भेज दिया गया था। पुलिस ने आरोपी वीरेंद्र को गिरफ्तार नहीं किया था।
बाल गृह में रहते हुए उनकी पुत्री ने पिता के पास जाने के लिए प्रार्थनापत्र दिया। इस पर न्यायालय के आदेशानुसार वह पुत्री को लेकर आए और अपने बहनोई के घर छोड़ आया। वीरेंद्र साजिश के तहत तीन अप्रैल 2021 को फिर से उनकी पुत्री को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया।
तहरीर देने पर पुवायां पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की और उल्टे उन लोगों को ही फंसाने की धमकी देने लगी। परेशान होकर उनको कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट के आदेश पर वीरेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।