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ब्याज पर ब्याज के चक्रव्यूह में फंस गया था अखिलेश

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शाहजहांपुर। सामूहिक आत्महत्या के मामले में परिवार को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है। इसमें अखिलेश और उनके एक रिश्तेदार के बीच 22 मिनट 44 सेकेंड की बातचीत है। अखिलेश ने बातचीत के दौरान अविनाश द्वारा दी जा रही प्रताड़ना का जिक्र कर रहा है। ऑडियो में अखिलेश कह रहा है कि मनमर्जी से अविनाश ने ब्याज पर ब्याज लगाकर इतनी बड़ी रकम खड़ी कर दी है कि वह पूरे जीवन में नहीं चुका सकता। अखिलेश अपने रिश्तेदार से किसी समझदार मध्यस्थ को बीच में डालकर समझौता कराने की बात कह रहा है। अखिलेश के परिजन ने यह ऑडियो क्लिप पुलिस को सौंप दी है।
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सात जून को अखिलेश ने सूदखोर अविनाश से प्रताड़ित होकर पत्नी और दो बच्चों के साथ फंदे से लटककर जान दे दी थी। सुसाइड नोट में कांट के अविनाश वाजपेयी द्वारा दी गई प्रताड़ना से तंग आकर जान देने की बात लिखी थी। इस मामले में पुलिस अविनाश समेत तीन लोगों को जेल भेज चुकी है। अखिलेश के माता-पिता को अखिलेश और उसके रिश्तेदार के बीच घटना से पहले हुई बातचीत की एक ऑडियो मिली है। इसमें अखिलेश अपने रिश्तेदार से कह रहा है कि दोनों को आमने-सामने बैठाकर बात कराई जाए। बातचीत के दौरान किसी नेता को न बैठाया जाए। अखिलेश कह रहे हैं कि अविनाश मिनट-मिनट में बात पलट देता है। उसने लिखा-पढ़ी में 12 लाख रुपये दिये हैं। इसमें सात लाख रुपये एक बार और पांच लाख रुपये दूसरी दफा में दिए थे। रुपये अकाउंट में भेजे थे। उसने कॉपी पर साइन करा लिये थे। उसके पास मेरे बहुत चेक हैं। अखिलेश चाहता था कि चार मध्यस्थों के सामने बैठाकर जब बात की जाएगी तो वह बात को पकड़ेंगे कि आखिर 12 लाख रुपये में घर कैसे ले लिया। इसका मतलब कहीं झोल है। अखिलेश ऑडियो में कह रहा है कि कुछ वक्त काम नहीं चला तब कुछ रुपये लिये थे। उस पर ब्याज पर ब्याज लगाने के बाद अविनाश ने इतनी बड़ी रकम बना दी थी। मकान का बैनामा कराने के बाद तो अविनाश कुछ सुनने को तैयार ही नहीं था। उसके बाद जो मन चाहा उसने कॉपी में लिख लिया। मेरे लौटने पर रुपये ले लिए थे, लेकिन कापी में से काटे नहीं। वह मुझे फांसता रहा। अखिलेश कह रहे हैं कि उसकी शक्ल देखने से लगेगा कि बिल्कुल सीधा-साधा है। वह सब हिसाब अपनी डायरी में लिखता है। घर बुलाकर लिखाता था। अगर ब्याज हटा दिया जाए तो वह असल से तीन गुना ज्यादा रुपये दे चुका है। बतौर गारंटी उसके पास मकान था फिर भी वह परेशान करता था। पहले कहता था कि मकान तुम्हारा है। जब कहना तुम्हारे नाम कर देंगे। बाद में कहने लगा कि मकान मेरा है और तुम किरायेदार हो। गुस्सा आने पर कुछ नोकझोंक हुई थी। इसके बाद दो महीने ब्याज के रुपये नहीं दिये थे।
डीएवी फाइनेंस कंपनी में किश्त डाली जाती थी। उसमें रुपये डालते थे। वहीं से उससे मिलना-जुलना हुआ था। अखिलेश हर तरह से मकड़जाल से बाहर निकलना चाहता था। ऑडियो में अखिलेश कह रहा है कि इतने रुपये जोड़ते जा रहे हो जो वह कभी जीवन में नहीं दे पाएगा। अविनाश अखिलेश को वाट्सएप पर ब्याज के पर्चे भेजता था। अविनाश ने मकान के बैनामा के वक्त अखिलेश से कहा था कि तुम्हारा घर तुम्हारा रहेगा। पत्नी से भी कहा था, कसम भी खाई थी। मगर बाद में उसने कहा था कि घर के बाहर अपना बोर्ड टांग दूंगा। यह सुनकर अखिलेश की पत्नी गुस्सा हो गई थी और उसने उसको काफी खरी खोटी सुनाईं थी।
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शिवांग सामान लेकर आया था सुशील सीढ़ियों से उतर रहा था
अखिलेश के साले प्रतीक गुप्ता ने फोन पर अखिलेश के एक पड़ोसी से बातचीत की है। इसमें पड़ोसी ने बताया कि सात जून की सुबह करीब 11:30 बजे अखिलेश का बेटा शिवांग कुछ सामान लेकर साइकिल से आया था। उसने साइकिल घर के अंदर खड़ी की थी। इसके बाद पड़ोस में रहने वाला सुशील सीढ़ियों से उतरकर चला गया। पड़ोसी ने सीढ़ियों से उतरते हुए सुशील को देखा था। वहीं, करीब 12 बजे के आसपास सुशील ने ही पुलिस को फोन करके सूचना दी थी कि अखिलेश के मकान के अंदर से कोई आवाज नहीं आ रही है। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस के साथ भी सुशील और कई अन्य लोग घर के अंदर गये थे। उस दौरान कोई शख्स वीडियो भी बना रहा था। इसमें सीढ़ियों से ऊपर जाते वक्त दिखाई दिया था कि अखिलेश और उसकी पत्नी के शव फंदे से लटके हैं। वीडियो में दिख रहा है कि बच्चों के बीच शव लटक रहे हैं। वीडियो में यह भी दिख रहा है कि सूचना देने वाला सुशील गुप्ता ही सबसे पहले शव देखकर सीढ़ियों से नीचे उतरकर घर के बाहर निकला था।
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