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पुवायां बस स्टैंड के पास से युवक के अपहरण की आशंका

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पुवायां। पुवायां के बस स्टैंड के पास से एक युवक का अपहरण कर उसे नशा दे दिया गया। बदमाशों ने युवक से नकदी, मोबाइल, कपड़े आदि लूट लिया। 12 घंटे बाद युवक गंभीर हालत में मिला है। रात में बदमाशों के चुंगल में होने पर युवक ने घरवालों को सूचना दी थी, लेकिन खबर किए जाने के बाद भी पुलिस ने मौके पर पहुंचने और वाहन चेकिंग कराने की जरूरत नहीं समझी है। यह हालत तब है जब बस स्टैंड और कोतवाली का भवन सटा हुआ है।
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सिंधौली के गांव समुलिया निवासी वीरेंद्र कुमार के अनुसार उनका पुत्र उपकेंद्र गुजरात में एक निजी संस्थान में नौकरी करता है। कोरोना संक्रमण बढ़ने पर उपकेंद्र गुजरात से 14 अप्रैल को ट्रेन से घर के लिए निकला था। इस दौरान परिवार के लोगों की उपकेंद्र से लगातार बात भी होती रही। 16 अप्रैल की रात दो बजे उपकेंद्र ने पिता को फोन कर बताया कि कुछ लोग पुवायां बस स्टैंड पर उसे निजी वाहन से उतरने नहीं दे रहे हैं और जबरदस्ती कर रहे हैं। इस बीच उपकेंद्र का फोन किसी ने लेकर स्विच ऑफ कर दिया।
उपकेंद्र के फोन से घर में खलबली मच गई। परिवार के कई लोग अपने वाहन से पुवायां पहुंचे और बस स्टैंड के पास उपकेंद्र की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। परिवार के लोगों ने बस स्टैंड से सटी कोतवाली पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और घटना को सिंधौली का बताकर परिवार वालों को सिंधौली कोतवाली जाने को कह दिया। सिंधौली कोतवाली पहुंचने पर परिवार के लोगों को एसपी से मिलने को कह दिया गया। उपकेंद्र के पिता और चाचा शुक्रवार को सीओ नवनीत कुमार नायक से मिले। सीओ ने पुवायां और सिंधौली के प्रभारी को बुलाकर दोनों ही थानों को मामले की जांच कर उपकेंद्र का जल्द पता लगाने के निर्देश दिए थे।
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उधर दोपहर बाद उपकेंद्र को एक टेंपो वाला गांव महुआ पाइक में उतार गया। नशे के कारण उसकी हालत खराब थी। जानकारी पाकर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और कोरोकुइयां पुलिस चौकी को उपकेंद्र के मिलने की सूचना दी। इसके बाद उपकेंद्र का इलाज कराने के बाद घर लाया गया है। उपकेंद्र का मोबाइल, नकदी, कपड़ों को बैग, जूते आदि गायब हैं। वह अभी कुछ बताने की स्थित में नहीं है।
पुवायां पुलिस की कार्यशैली से रोष
वाहन चेकिंग और उपकेंद्र की तलाश करने की नहीं समझी जरूरत
पुवायां। उपकेंद्र कहां से किस वाहन पर बैठ कर पुवायां और उसके साथ क्या घटना घटी, यह उपकेंद्र की हालत सही होने के बाद ही पता लग सकेगा, लेकिन पूरे मामले में पुवायां पुलिस की लापरवाही साफ नजर आ रही है।
उपकेंद्र के परिवार के लोगों का मानना है कि उपकेंद्र गुजरात से ट्रेन से चला था और रात में किसी ट्रेन से शाहजहांपुर उतरा होगा। इसके बाद वह किसी निजी वाहन में बैठ लिया और मुसीबत में फंस गया। किसी तरह उसने वाहन से नहीं उतरने देने की सूचना पिता को दी, लेकिन बात में उसका फोन बातचीत के दौरान ही बंद हो गया। परिवार वालों को अनुमान है कि निजी वाहन सवार लोगों ने ही उसका फोन छीन कर बंद कर दिया होगा और बाद में नशा देकर लूट लिया।
परिवार के लोगों के अनुसार पुवायां पुलिस ने उनकी बात को गंभीरता से सुनकर उपकेंद्र की तलाश शुरू की होती, वाहन चेकिंग कराई जाती और आसपास की पुलिस को सूचना दी जाती तो उपकेंद्र का जल्द पता लग जाता और आरोपी भी पकड़ में होते, लेकिन पुलिस घटना को सिंधौली का बताकर पल्ला झाड़ने में लगी रही।
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युवक के गायब होने का मामला सिंधौली थाना क्षेत्र का है। पुवायां से उसका कोई संबंध नहीं है। सिंधौली पुलिस ही मामले की जांच कर रही है।
कुंवर बहादुर सिंह, इंस्पेक्टर पुवायां
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