पुवायां (शाहजहांपुर)। तांत्रिक दुर्वेश ने गरम चिमटों से दागकर न सिर्फ अपनी नि:संतान भाभी शारदा की जान ली। अपने छोटे भाई की गर्भवती पत्नी कुंता देवी और परिवार के बच्चों पर भी जुल्म ढाए। दर्द से कराह रही सहमी कुंता ने बताया कि उसे भी गर्म चिमटे से दागा गया। पीटा और शरीर पर चाकू से खरोंचा गया। इतना ही नहीं परिवार को बच्चों को भी भूत-प्रेत से बचाने के नाम पर बांस की संटी से मारा गया।
शारदा देवी की देवरानी मुनीश की पत्नी कुंता देवी जेठों की करतूत से बेहद सहमी हुईं हैं। इलाज के बाद मायके बंडा के गांव ददिउरी में रह रही कुंता देवी ससुराल के घटनाक्रम को बताते हुए कई बार कांप उठती है। कुंता के अनुसार उसके पति छह भाई हैं। उनके एक जेठ कुछ दिन पूर्व बीमार हुए तो उनको सीतापुर के तांत्रिक के पास ले जाया गया। दूसरा जेठ दुर्वेश भी उनके साथ गया था। बडे़ जेठ की झाड़ फूंक के दौरान दुर्वेश का सीतापुर आना जाना बना रहा। सीतापुर के तांत्रिक ने दुर्वेश को भी बड़ा तांत्रिक बना देने का वायदा कर उसे भी अपने पास बुलाने लगा। करीब 15 दिन पूर्व दुर्वेश घर में नाटक करने लगा कि उस पर जिन्न और ब्रह्मराक्षस आने लगा है। वह गड़ासा लेकर घूमने लगा और अजीब हरकतें करने लगा। इस कारण गांव के लोगों ने उनके परिवार से दूरी बना ली और कोई भी उन लोगों के घर नहीं आता था।
दुर्वेश 24 फरवरी को सीतापुर से वापस आया। इसके बाद दुर्वेश की अपने तीन भाइयों से सलाह बनी और पूरे परिवार का भूत, प्रेत उतारने की बात कहते हुए चारों लोग 24 फरवरी की रात से एक जेठ के घर हवन करने लगे। हवन के दौरान भूत उतारने के नाम पर उसके जेठ परिवार के बच्चों को हवन कुंड के पास बुलाकर बांस की संटी से पीटते थे। इसी रात से जेठानी शारदा देवी को भी हवन के पास बैठाकर उनको गरम चिमटे से दागा जाने लगा। मौके पर दुर्वेश और उसके तीन भाई रहते थे, जो शारदा देवी को दागते समय उसके हाथ, पैर पकड़ लेते थे। शारदा देवी बेइंतहा दर्द से चीखती थी, लेकिन किसी पर कोई फर्क नहीं पड़ता था, गांव के लोग भी उधर आने से डरते थे। कुंता देवी के पति मुनीश ने 25 फरवरी की रात झाड़ फूंक और महिलाओं, बच्चों पर प्रताड़ना का विरोध किया तो दुर्वेश व अन्य ने उसे गड़ासा, कुल्हाड़ी, हंसिया लेकर दौड़ा लिया। मुनीश घर से भाग निकला और अब तक लापता है। शनिवार रात शारदा की मौत होने पर उसके शव को पहले घर के बाहर डाला गया और बाद में सर्वेश के घर डाल दिया गया। सर्वेश के घर हवन आदि भी किया। रविवार को मामले का खुलासा हो गया।
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जबरिया उठाकर ले गए थे कुंता को
कुंता देवी के अनुसार पति के घर से भाग जाने के बाद वह घर में डेढ़ वर्षीय पुत्र के साथ अकेली रहती थी। वह आठ माह की गर्भवती भी है। 25 फरवरी की रात दुर्वेश आदि उसको जबरिया उठाकर जेठ के घर ले आए और हवन के पास बिठाकर बांस की संटी से पीटा और गरम चिमटे से दागा। शरीर पर चाकू से खरोंचे भी बनाई गईं। इस बीच मौके पर शारदा देवी की हालत बिगड़ गई। दुर्वेश ने शारदा देवी को देखकर कहा कि यह तो मर गई। इसके बाद आरोपी शारदा देवी का शव उठाने में लग गए और वह अपने घर भाग आई और दरवाजा बंद कर लिया। कुंता ने कहा: शारदा देवी की मौत न होती तो दुर्वेश आदि उस पर भी अत्याचार करते।
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कुंता देवी के पिता बोले, बेटी की ससुराल के लोग मानसिक बीमार
बंडा। कुंता देवी के पिता प्रकाश का कहना है कि उन्हें 28 फरवरी को शारदा देवी की मौत और पुत्री कुंता के घायल होने की जानकारी मिली। इलाज के बाद वह कुंता देवी को घर ले आए हैं। प्रकाश के अनुसार पुत्री के चार जेठ मानसिक रूप से बीमार हैं। उन्होंने कहा कि पुत्री की सुरक्षा अहम हैं और पुत्री को अभी ससुराल नहीं भेजेंगे।
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शारदा देवी के शरीर पर जलने के 16 निशान, चिमटे के अलावा खुरपी से भी दागा
पुवायां। शारदा देवी के शरीर पर जलाए जाने के 16 निशान हैं। यह निशान नाजुक अंगों पर जलाए जाने के निशानों को छोड़कर हैं। निशानों को देखकर लगता है कि शारदा देवी को चिमटे के अलावा गर्म खुरपी से भी दागा गया है। तीन स्थानों पर खुरपी से जलाने के निशान हैं।
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सीतापुर का तांत्रिक घर से फरार
पुवायां। सीतापुर का तांत्रिक और दुर्वेश का गुरु घर से भाग गया है। पुलिस की एक टीम उसकी तलाश में गई थी, लेकिन वह घर नहीं मिला। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। रिश्तेदारियों में भी उसे तलाशा जा रहा है। उधर शारदा देवी का देवर और कुंता देवी का पति मुनीश भी अब तक लापता है। मुनीश शारदा देवी की मौत के मामले में नामजद भी है।
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शारदा देवी की मौत के मामले में प्रथमदृष्टया मुनीश की भूमिका नहीं पाई गई है। हत्या की विवेचना चल रही है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
-कुंवर बहादुर सिंह, इंस्पेक्टर पुवायां