शाहजहांपुर। करीब तीन दशक से शाहजहांपुर के साथ ही आसपास के जिलों में सट्टे का धंधा चला रहा वेदव्यास उर्फ वेदी पहली बार शाहजहांपुर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ कर पूरे गिरोह का पता लगाया जा रहा है। उसकी संपत्ति भी जब्त होगी।
शाहजहांपुर के साथ ही मंडल के कई जिलों में वेदव्यास त्रिपाठी उर्फ वेदी का सट्टे का धंधा फैला हुआ है। शाहजहांपुर शहर की ही हर गली-मोहल्ले में एजेंट सट्टा खिलवाते हैं। इन सबका सरगना वेदव्यास उर्फ वेदी लंबे समय से पुलिस को छका रहा था। पुलिस में मौजूद भेदियों के कारण वह हर बार बच निकलता था। तीन फरवरी को शहर के बाहरी क्षेत्र साउथ सिटी में एक मकान को किराये पर लेकर सट्टा माफिया द्वारा अपने एजेंटों के माध्यम से अवैध रूप से सट्टे की खाईबाड़ी व हिसाब-किताब कराया जा रहा था। यहां पर सट्टा माफिया का मुख्य सहयोगी राहत अली भी मौजूद था। मकान पर दबिश देकर एसओजी ने 11 सट्टा एजेंट को गिरफ्तार कर 16,04,600 रुपये नकद, छह लैपटॉप, 18 मोबाइल फोन, छह बाइक, 14 कैलकुलेटर, काफी संख्या में सट्टा हिसाब लेजर, रजिस्टर, पर्ची आदि सामान बरामद किया था। मादक पदार्थ भी मिला था। वेदी के मुख्य सहयोगी राहत अली ने बताया था कि वह वाट्सअप के माध्यम से शहर में हुए सट्टे का हिसाब अपने एजेंटों से लेकर तथा रुपये अपने पास मंगाकर यहां पर हिसाब करा रहा था। रात को हिसाब पूरा करके सारा ब्यौरा अपने वाट्सअप के माध्यम से सट्टा माफिया वेदव्यास उर्फ वेदी को भेजता था। यह सारा काम वेदी के कहने से ही चल रहा था। सभी लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन वेदी ने उपलब्ध कराए थे। मकान भी वेदी ने ही कुछ समय पहले किराये पर लिया था।
इसी क्रम में मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर वेदव्यास उर्फ वेदी को पूर्वाह्न 11:40 बजे चौक कोतवाली क्षेत्र के लोहारों वाले चौराहा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। शहर में सट्टा व्यवसाय चलाने वाला वेदव्यास उर्फ वेदी पुत्र रामलुभाया निवासी पुराना आवास विकास कालोनी थाना सदर बाजार वर्तमान में न्यू हरिद्वार कॉलोनी रानीपुर मोड़ के पास थाना ज्वालापुर, हरिद्वार, उत्तराखंड में रह रहा था। इसकी तलाश काफी दिनों से शाहजहांपुर पुलिस को तलाश थी। इससे पहले काफी कोशिश के बावजूद पुलिस के हाथ नहीं लगा था। एसओजी प्रभारी उप निरीक्षक रोहित कुमार, चौक कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रवेश सिंह के साथ ही सर्विलांस टीम की मदद से पुलिस को वेदी को पकड़ने में सफलता मिली। एसपी एस आनंद ने बताया कि वेदी द्वारा अवैध ढंग से अर्जित की गई संपत्ति चिह्नित कर रिपोर्ट भेजी गई है। सट्टेबाजी का पूरा नेटवर्क ध्वस्त किया जाएगा।
तीन दशक का सट्टे का धंधा, पहली बार जिले में पकड़ा गया वेदी
शाहजहांपुर। तीन फरवरी को साउथ सिटी स्थित अड्डे पर एसओजी ने जब छापा मारा तब वेदव्यास उर्फ वेदी बाल-बाल पुलिस से बच गया था। तब से पुलिस लगातार इसके पीछे पड़ी हुई थी। मंगलवार को आखिरकार पुलिस को उसे पकड़ने में सफलता मिल गई।
करीब तीन दशक से शाहजहांपुर में वेदव्यास उर्फ वेदी सट्टे का संचालन कर बेरोकटोक कर रहा है। शाहजहांपुर शहर का शायद ही कोई मोहल्ला हो जहां पर सट्टे का नंबर खुलेआम न लिखा जा रहा हो। सारा खेल पुलिस के संज्ञान में होता है लेकिन छिटपुट के अलावा कभी बड़ी कार्रवाई नहीं की गई। इसी वजह से सट्टेबाजों के हौसले बुलंद रहे। पुलिस के कई सिपाही-दरोगा सट्टेबाजों के लिए मुखबिर का काम भी करते हैं। यही वजह है कि कई बार पुलिस सट्टे के बड़े खिलाड़ियों तक पहुंचकर भी मात खा गई। एसपी एस आनंद के शाहजहांपुर में आने के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर सट्टेबाजों के खिलाफ अभियान चलाया। कई बड़ी कार्रवाई होने से सट्टे के धंधे पर असर पड़ा। पुलिस कप्तान की सख्ती का असर था कि जिले में पहली बार वेदव्यास उर्फ वेदी की गिरफ्तारी संभव हो सकी। वेदव्यास उर्फ वेदी शहर छोड़कर हरिद्वार में अपना अड्डा जमाए थे। फोन और इंटरनेट के माध्यम से पूरे धंधे का संचालन वह बाहर बैठकर ही कर रहा था। साउथ सिटी में जब पुलिस ने छापा मारा था तो वेदी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा था। इसके बाद पुलिस को खासे लिंक मिल गए थे जिनकी मदद से पुलिस ने मंगलवार को वेदव्यास वेदी को गिरफ्तार कर लिया। संवाद