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महंत ने दी चेतावनी, जबरन मूर्तियों हटाईं तो ले लेंगे समाधि

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महंत की चेतावनी, जबरन मूर्तियां हटाई तो ले लेंगे समाधि
लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे से कछियानी खेड़ा मंदिर की मूर्तियां हटाने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
तिलहर (शाहजहांपुर)। लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण में बाधा बन रहे तिलहर के कछियानी खेड़ा मंदिर की मूर्तियों को हटाने का मामला सुलझ नहीं रहा है। सांसद को ज्ञापन देने के बाद अब श्रद्घालु आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं। वहीं प्रशासन बातचीत के जरिये समस्या का हल निकालने का प्रयास कर रहा है। अब मंदिर के महंत प्रेम गिरी महाराज ने ऐलान किया कि यदि प्रशासन जबरदस्ती मूर्तियां हटाएगा तो वह समाधि ले लेंगे।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर राजकीय महाविद्यालय के समीप सड़क किनारे स्थित प्राचीन कछियानी खेड़ा हनुमान मंदिर फिर से सुर्खियों में है। मंदिर के महंत और श्रद्धालु सहित विभिन्न हिंदू संगठनों के लोग जहां मंदिर को आस्था का मंदिर बताते हुए अन्यत्र हटाए जाने के लिए तैयार नहीं हैं, वहीं प्रशासन महत्वपूर्ण राजमार्ग के चौड़ीकरण को लेकर सभी पहलुओं पर विचार कर रहा है। वर्ष 2018 में मंदिर को हटाए जाने को लेकर निर्माणदायी कार्य संस्था एरा कंपनी और प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन श्रद्धालुओं और महंत के भारी विरोध के कारण मूर्तियां हटाने का मामला अधर में लटक गया था। अब दोबारा हाईवे चौड़ीकरण का काम शुरू होने के बाद फिर से प्रशासन और महंत व श्रद्धालुओं के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है। एसडीएम वेद सिंह चौहान ने 10 फरवरी तक का समय महंत को दिया है।
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रविवार को मंदिर के वरिष्ठ महंत प्रेम गिरी महराज ने बताया कि वह लगभग 50 वर्षों से मंदिर की सेवा कर रहे हैं। मंदिर पहले से सड़क के किनारे है। प्रशासन बेवजह मंदिर को हटाना चाहता है जबकि मंदिर के पश्चिम दिशा में डिग्री कॉलेज के पास सड़क को मंदिर की ओर मोड़ दिया गया है। यह गलत है। सड़क इसी मोड़ से सीधी कर देनी चाहिए, जिससे मंदिर अपने प्राचीन स्थान पर बना रहेगा। सड़क मार्ग पर कोई मोड़ भी नहीं आएगा। यदि प्रशासन ने मंदिर हटाने की जिद की तो वह विवश होकर इसी मंदिर में अपनी समाधि ले लेंगे, जिसका संपूर्ण उत्तरदायी प्रशासन होगा। उधर, मंदिर के संचालक महंत राम लखन गिरि ने फोन पर बताया कि वह श्रद्धालुओं के साथ इस मंदिर को हटाने से रोकने के लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे। महंत रामनिवास गिरी और राम जानकी मंदिर रोजा के बाबा रामकुमार दास ने बताया कि मंदिर के आगे और पीछे दोनों ओर जगह है। मंदिर को किसी भी कीमत पर हटाने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन शक्ति का प्रयोग करेगा तो साधु भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
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एसडीएम वेद सिंह चौहान ने कहा है कि महंत और कुछ श्रद्धालु एडीएम से मिले थे। तब वार्ता हुई थी। अब दोबारा वार्ता होनी है। जिसमें कोई न कोई रास्ता अवश्य निकल आएगा। सड़क मार्ग को बनाना आवश्यक है। मंदिर को शिफ्ट करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीति चमकाने में लगे हैं, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।
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