शाहजहांपुर। थाना सेहरामऊ दक्षिणी के गांव गौरिया में 30 मई 2013 की रात को छत पर सो रहे व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के मामले में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। इन्हीं में से एक अभियुक्त को आर्म्स एक्ट के तहत तीन साल की कैद और 5000 रुपये जुर्माने की अतिरिक्त सजा भी सुनाई गई है। इसके अलावा जुर्माने की धनराशि से 20 हजार रुपये मृतक के उत्तराधिकारी को बतौर प्रतिकर प्रदान करने के आदेश दिए गए हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार गौरिया, थाना सेहरामऊ दक्षिणी निवासी चोबर का पुत्र रामप्रकाश 30 मई 2013 की रात को छत पर सो रहा था। वादी और उसकी पोती शांति घर के आंगन में सो रहीं थी। तभी रात एक बजे फायर की आवाज सुनकर उन लोगों की आंख खुल गई। दोनों उठकर छत की ओर बढ़े तो देखा कि पड़ोस में रहने वाले राजबहादुर और संजय सीड़ियों से उतर रहे थे। टोकने पर वे धक्का देकर नीचे उतरे और घर का दरवाजा खोलकर बाहर निकल गए। इसके बाद वादी और उसकी पोती छत पर पहुंचे तो देखा कि रामप्रकाश छटपटा रहा था। थोड़ी देर में उसने दम तोड़ दिया। वादी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने संजय एवं राजबहादुर के विरुद्ध धारा 302 के तहत रिपोर्ट दर्ज की लेकिन विवेचना के दौरान पुलिस ने गवाहों के बयान लेने के बाद राजबहादुर की जगहउसके सगे भाई सोनू व संजय के खिलाफ आरोप पत्र अदालत भेजा। दो जून 2013 को पुलिस ने सोनू को हत्या में प्रयुक्त 315 बोर के तमंचे के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान सरकारी वकील श्रीपाल द्वारा प्रस्तुत सात गवाहों के बयान लेने व बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश सुरजन सिंह ने आरोपी संजय एवं सोनू को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास तथा 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है।