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रोजा में सात साल के बच्चे की गला दबाकर हत्या

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शाहजहांपुर। रोजा इलाके पिपरिया सड़क गांव में सात सात के बच्चे की गला दबाकर हत्या करने के बाद लाश गन्ने के खेत में फेंक दी गई। हत्यारे वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए। बालक भैंस को चराने ले गया था। वारदात का पता तब लगा जब उसे देखने के लिए बड़ी बहन मौके पर पहुंची। देर शाम तक वारदात की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। पुलिस ने बालक की मां की ओर से अज्ञात हत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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रोजा थाना क्षेत्र के गांव पिपरिया सड़क निवासी उर्मिला के पति की मौत हो चुकी है। उसके पांच बच्चों में सबसे छोटा बेटा सात साल का नीलेश कक्षा तीन में पढ़ता था। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे नीलेश और उसकी बड़ी बहन प्रीति भैंस चराने गए थे। करीब साढ़े नौ बजे प्रीति खाना खाने के लिए घर चली गई। करीब एक घंटे बाद लौटकर पहुंची तो नीलेश भैंस के पास नहीं मिला। वह कुछ देर तक इधर-उधर देखती रही। नीलेश नहीं मिला तो घर जाकर मां को बताया। परिवार वालों ने मोबाइल फोन मिलाया तो बंद निकला। अनहोनी की आशंका पर परिवार वाले और ग्रामीणों ने मौके पर जाकर तलाश शुरू कर दी। दोपहर करीब एक बजे तलाशी के दौरान सियाराम के खेत पर गन्ने की फसल के बीच नीलेश की लाश पड़ी मिली। उसके चेहरे और गले पर खरोंच के निशान थे। इसकी चर्चा फैली तो लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर एसपी सिटी संजय कुमार, सीओ सदर महेंद्रपाल सिंह, रोजा प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र बहादुर सिंह मौके पर जा पहुंचे। डॉग स्क्वॉड को भी बुला लिया गया। मगर घंटों छानबीन के बावजूद हत्यारों का पता नहीं चला सका। इसके बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया।
चेहरे पर खरोंच और गले पर थे निशान
बालक के चेहरे पर खरोंच के निशान थे। गले पर भी निशान थे। कपड़े कुछ अस्तव्यस्त हालत में पाए गए। मां उर्मिला का कहना है कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं है। इससे वारदात के पीछे दुष्कर्म की आशंका जताई जा रही है।
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तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। देर शाम तक हत्यारों के बारे में कोई सुराग नहीं मिल सका। रोजा इंस्पेक्टर के नेतृत्व में पुलिस टीम लगाई गई है। - संजय कुमार एसपी सिटी
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