शाहजहांपुर। खरीफ सीजन मेें धान समेत अन्य फसलों में दूसरी सिंचाई के बाद मांग बढ़ने पर यूरिया की फर्जी बिक्री दर्शाकर कालाबाजारी करने वाले सात उर्वरक प्रतिष्ठानों के आठ फुटकर विक्रेताओं के खिलाफ जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक ने फर्टिलाइजर मूवमेंट ऑर्डर 1973 की धारा तीन और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज कराई है। खाद विक्रेताओं ने जिन किसानों के नाम रजिस्टरों पर खाद की बिक्री दर्शाई है उनके द्वारा इतनी मात्रा में यूरिया लेने से इनकार करने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
शासन ने एक एकड़ खेती तक के किसानों को अधिकतम पांच बोरी और एक हेक्टेयर कृषि भूमि पर 12 बोरी यूरिया बेचने की अनुमति दी थी। ऐसा इसलिए किया गया ताकि सभी जरूरतमंद किसानों को यूरिया मिल सके और उसकी जमाखोरी नहीं हो सके। धान में दूसरी सिंचाई के बाद किसानों में यूरिया की मांग बढ़ी तो फुटकर उर्वरक विक्रेताओं ने 266 रुपये वाले यूरिया बैग 280 से 350 रुपये के भाव पर बेचने शुरू कर दिए। अन्य जिलों से भी इसी तरह की शिकायतें सामने आने पर केंद्र सरकार ने एक अप्रैल से 31 जुलाई तक सभी जनपदों में खाद की सर्वाधिक बिक्री करने वाले टॉप-20 फुटकर विक्रेताओं के स्टॉक की जांच कराने के निर्देश दिए। इसके अनुपालन में अपर मुख्य सचिव (कृषि) ने शासनादेश जारी कर यूरिया खरीदने वाले किसानों की सूची के आधार पर बिक्री का सत्यापन करने के आदेश दिए थे।
जांच में खुला फर्जीवाड़ा
टॉप 20 सेल प्वॉइंट की जांच के दौरान वहां के अभिलेखों में जिन किसानों के नाम यूरिया बिक्री राजस्व अभिलेखों की तुलना में अधिक दर्शाई गई, उनसे संपर्क साधा गया तो पता चला कि वे सिर्फ जरूरत भर को यूरिया लाए थे। उनके नाम पर दर्ज यूरिया के बाकी बैग कहां गए, इस बारे में किसान कुछ बता नहीं सके। कृषि विभाग की टीमों ने संबंधित प्रतिष्ठानों का स्टॉक चेक किया तो वहां भी यूरिया बैग कम निकले। संबंधित विक्रेता भी स्टॉक में यूरिया बैग कम होने का संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। इससे यही माना गया कि उर्वरक विक्रेताओं ने किसानों की आड़ लेकर यूरिया की बड़ी मात्रा ब्लैक में बेच दी।
फर्जी बिक्री में लिप्त मिले यह सभी विक्रेता
जांच के दौरान पुवायां क्षेत्र में नवाबपुर गंगा में उर्वरक प्रतिष्ठान बालाजी ट्रेडर्स के स्वामी ऋषभ गुप्ता, मिर्जापुर में ओम नारायण खाद भंडार के स्वामी ओम नारायण गुप्ता, आईएफडीसी कृषक केंद्र के स्वामी निर्दोष गुप्ता, पुवायां क्षेत्र में सुनारा बुजुर्ग स्थित विक्रांत फर्टिलाइजर्स के स्वामी आशीष कुमार और ब्रजेश कुमार, मदनापुर क्षेत्र में बुधुआना स्थित शिव खाद भंडार के स्वामी मोहित गुप्ता, कांट क्षेत्र में कुर्रिया कलां स्थित यादव खाद भंडार के स्वामी अमित कुमार और गढ़िया रंगीन स्थित प्रताप इंटरप्राइजेज के स्वामी सुधीर प्रताप यूरिया की फर्जी बिक्री में लिप्त पाए गए। इन सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अधिकारी अन्य उर्वरक प्रतिष्ठानों का बिक्री रिकार्ड खंगालने मेें जुटे हैं।
इस तरह जांच में पकड़ी गई गड़बड़ी
पुवायां। यूरिया की बिक्री में गड़बड़ी पाए जाने पर जिला कृषि अधिकारी ने दो खाद दुकानों के तीन स्वामियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. पाठक ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि खाद लेने वाले किसानों का भौतिक और स्थलीय सत्यापन कराने पर पता चला कि मैसर्स बालाजी ट्रेडर्स भटियुरा मंडी नवाबपुर गंगा के स्वामी ऋषभ गुप्ता ने बिजनेस के नाम पर 295 बोरी यूरिया का अवैध रूप से विक्रय कर दिया लेकिन सत्यापन में बिक्री की पुष्टि नहीं हो सकी। ऋषभ गुप्ता ने किसानों के नाम फर्जी तरीके से पीओएस मशीन में खारिज कर यूरिया का अवैध व्यापार किया। इसी प्रकार गांव सुनारा बुजुर्ग की फर्म मैसर्स विक्रांत ट्रेडर्स के संयुक्त स्वामी आशीष कुमार गुप्ता और ब्रजेश कुमार ने भी 493 बोरी यूरिया का अवैध रूप से विक्रय कर दिया।
उर्वरक अधिनियम और आवश्यक वस्तु अधिनियम की जिन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई हैं, उनमें जेल की लंबी सजा के कड़े प्रावधान लागू है। पुलिस ने निष्पक्ष विवेचना की तो नामजद उर्वरक विक्रेताओं का जेल जाना तय है। किसानों और विभाग के साथ धोखाधड़ी रोकने के लिए अन्य उर्वरक विक्रेताओं के स्टॉक की जांच भी कराई जा रही है।
-डॉ. सतीश चंद्र पाठक, जिला कृषि अधिकारी