शाहजहांपुर। चौथी क्लास की छात्रा का प्ले ग्रुप में पढ़ने वाला भाई एक दिन स्कूल में चप्पल पहनकर पहुंचा तो टीचर ने उसे धूप में खड़ा रखा। परिजन ने नाराजगी जाहिर की तो स्कूलवाले भड़क गए और उनसे अभद्रता की। इसके बाद परिजन ने उसे निकालकर उसका दाखिला दूसरे स्कूल में कराया दिया। इससे स्कूलवाले बौखला गए और छात्रा को प्रताड़ित करने लगे। शुक्रवार को टीचर ने छात्रा की पिटाई कर दी तो परिजन ने मामले की शिकायत एसपी से की। जिस पर उन्होंने जांच के आदेश दिए हैं।
शहर के मोहल्ला एमनजई जलालनगर निवासी डॉ. आलिया के मुताबिक उनका बेटा सेंट क्राइस्ट पब्लिक स्कूल में प्ले ग्रुप में पढ़ता था। एक दिन वह चप्पल पहनकर स्कूल चला गया। इतनी सी बात पर उनके बेटे को शिक्षक ने धूप में खड़ा कर दिया। पता लगने पर उन्होंने विरोध किया तो स्कूल वाले मानने को तैयार नहीं हुए, इससे उनका बेटा स्कूल जाने से घबराता था। इस पर उन्हें बेटे का एडमिशन दूसरे स्कूल में कराना पड़ा। जबकि आठ वर्षीय बेटी लाएबा इसी स्कूल में चौथी क्लास में पढ़ रही है। बेटे का दाखिला दूसरे स्कूल में कराने से स्कूलवाले बौखला गए। उनका आरोप है कि स्कूल की महिला शिक्षक मीना उनकी बेटी लाएबा को इसी के चलते कई बार पीट चुकी हैं। तरह-तरह से रोजाना उसे प्रताड़ित करतीं हैं। 17 अक्तूबर को भी उसकी पिटाई की थी। इस पर वह स्कूल पहुंची और प्रिंसिपल से मिलना चाहा तो सुबह आने को कहकर लौटा दिया। शुक्रवार सुबह 10 बजे वह पति और बेटी के साथ महिला शिक्षक की शिकायत करने प्रधानाचार्य के पास पहुंचीं। उस समय प्रधानाचार्य नीलम हेरीसन और उनके पति प्रदीप उर्फ लल्ले कार्यालय में मौजूद थे। शिकायत की तो प्रिंसिपल और उनके पति भड़क गए। उन्होंने डांटने हुए लाएबा को धक्का दे दिया, जिससे वह गिर गई। विरोध करने पर उन्हें और पति को जान से मारने की धमकी देते हुए कार्यालय से निकाल दिया। मामले की शिकायत पर एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने कोतवाली सदर को जांच सौंपी है। हालांकि देर शाम तक कोई लिखा पढ़ी नहीं हुई।
डॉ. आलिया कई बार स्कूल में हंगामा कर चुकीं हैं। इनके बच्चे को यदि कोई मार देता है तो यह क्लास रूम में पहुंचकर टीचरों को हड़कातीं हैं। शुक्रवार को भी स्कूल आकर हंगामा किया। मैंने बुलाकर कहा कि यदि आप अपने बच्चे को यहां नहीं पढ़ाना चाहतीं हैं तो कही दूसरी जगह एडमिशन करा लो। बच्चे के साथ कभी कोई मारपीट नहीं की गई। - नीलम हेरीसन, प्रधानाचार्य
डॉ. आलिया स्कूल में आईं और जिस बच्चे से इनके बच्चे का झगड़ा हुआ था, उस बच्चे का कॉलर पकड़ लिया और थप्पड़ मार दिया। इसका विरोध करने पर उल्टा गालियां देने लगीं। एक टीचर को फेंक कर बोतल मार दी। मेरे ऊपर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह सरासर गलत हैं। - मीना, आरोपी महिला शिक्षक
प्रधानाचार्य और आरोपी शिक्षक को बुलाया था। दोनों ने बताया कि शिकायत करने वालीं डॉ. आलिया के बच्चे को यदि कोई मार दे तो स्कूल में आकर हंगामा करती हैं, दूसरे बच्चे को पीटती हैं। टीचरों को भी हड़कातीं हैं। उन्हें बच्चों को पीटने का कोई अधिकार नहीं हैं। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। - किरनपाल सिंह, इंस्पेक्टर सदर कोतवाली