पुवायां। पुवायां में बंद डांस पार्टी को शुरू कराने और दरोगा सिपाहियों के डांस करने के मामले में इंस्पेक्टर पुवायां की जांच रिपोर्ट को सीओ ने एसपी को भेज दिया है। इससे डांस में शामिल पुलिसकर्मियों के चेहरे उतर गए हैं।
गौरतलब है कि 10 अक्तूबर की रात कई सिपाहियों ने रामलीला मेले में बंद पड़ी डांस पार्टी को शुरू करवाकर डांस किया था। सिपाहियों के डांस करने के कई वीडियो वायरल होने के बाद महकमे में खलबली मच गई थी। अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीओ प्रवीण कुमार और पुवायां के कोतवाली प्रभारी जसवीर सिंह को जांच के निर्देश दिए थे।
सूत्रों के अनुसार डांस के समय सीतापुर से आए 13, पुवायां कोतवाली के छह सिपाही और एक दरोगा मौके पर मौजूद थे। एक सिपाही का चेहरा वीडियो क्लिप में ठीक से पहचान में नहीं आने के कारण सिपाही बच निकला है, जबकि 17 सिपाही और दरोगा के बयान दर्ज कर इंस्पेक्टर ने रिपोर्ट सीओ को सौंप दी। सीओ ने यह रिपोर्ट एसपी को भेज दी है।
इन बिंदुओं पर हो सकती है कार्रवाई
पुवायां। सूत्रों के अनुसार सिपाहियों के डांस करने में कोई अश्लीलता नहीं पाई गई है, लेकिन निलंबित सिपाही के जन्मदिन पर वर्दी पहनकर डांस करने को गलत पाया गया है और स्थान का चयन (डांस पार्टी स्थल) को भी नियमानुसार गलत पाया गया है। इन दो बिंदुओं को लेकर कार्रवाई की जा सकती है।
जांच होने के बाद हो कार्रवाई
पुवायां। सिविल बार एसोसिएशन के अधिवक्ता सुनील सिंह ने सीओ को ज्ञापन देकर डांस के मामले में जांच के बाद ही कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि दरोगा विपिन चौधरी गैर थाने के शराब के नशे में डांस कर रहे सिपाहियों को डांस करने से मना कर रहे थे। दरोगा ने ही डांस कार्यक्रम बंद कराया। इस मामले में वास्तविक दोषी सिपाहियों पर ही कार्रवाई होनी चाहिए।
इंस्पेक्टर पुवायां की जांच रिपोर्ट को एसपी को अग्रसारित कर दी गई है। आगे जो भी कार्रवाई होनी है वह जिला स्तर से ही होगी।
प्रवीण कुमार, सीओ पुवायां