निगोही (शाहजहांपुर)। नशीली दवाओं की तस्करी मामले में पंजाब पुलिस ने एक मेडिकल स्टोर पर छापा मार कर दवा व्यापारी को गिरफ्तार कर लिया और उसे अपने साथ ले गई। पुलिस ने मेडिकल स्टोर से नशीली दवाएं भी बरामद कर कब्जे में लीं हैं। वहीं अचानक छापा मार कार्रवाई से अन्य दवा व्यापारियों में हड़कंप मच गया। अधिकांश व्यापारी मेडिकल स्टोर बंद करके चले गए।
पीलीभीत के थाना बिलसंडा क्षेत्र के गांव मन्निया निवासी सुभाष चंद्र राठौर की सुभाष मेडिकल स्टोर के नाम से दुकान निगोही कस्बे के रेलवे स्टेशन के पास है। सुभाष के खिलाफ पंजाब के जिला लुधियाना के थाना सीआईए सताप में प्रतिबंधित औषधि (नशीली दवा) की तस्करी की रिपोर्ट दर्ज है। इस मामले में बिलसंडा के गांव मरेना निवासी सरदार तस्वीर सिंह भी नामजद हैं। इन दोनों पर निगोही कस्बे से पंजाब में प्रतिबंधित औषधियों की तस्करी करने का आरोप है। मंगलवार दोपहर 12 बजे पंजाब के जिला लुधियाना थाना सीआईए सताप से एसआई चौकार सिंह के नेतृत्व में एसआई जनकराज, भगवान सिंह टीम के साथ सुभाष मेडिकल स्टोर पर पहुंच गए और तस्वीर सिंह की निशानदेही पर प्रतिबंधित औषधि समेत सुभाष को पकड़ लिया और पंजाब लेकर चले गए। एसआई चौकार सिंह ने बताया कि सरदार तस्वीर सिंह व सुभाष चंद्र राठौर मिलकर निगोही से इस्पास्को ब्ल्यू, अल्प्रॉक्स सहित कई तरह की नशीली औषधियों की पंजाब में तस्करी करके भारी मुनाफा कमाते थे। 29 हजार गोलियां पंजाब में पकड़ी गईं। इन दोनों के खिलाफ रिपोर्ट लुधियाना के थाना सीआईए सताप में दर्ज है। सरदार तस्वीर सिंह को गिरफ्तार करने के बाद सुभाष को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से एक हजार प्रतिबंधित इस्पास्को ब्ल्यू गोलियां भी बरामद हुई हैं।
देहात क्षेत्रों में स्थित मेडिकल स्टोरों पर नशीली दवाओं का कारोबार धड़ल्ले से हो रहा है, क्योंकि कार्रवाई के नाम पर संबंधित अधिकारी छापा मारने की रस्म अदायगी कर लौट जाते हैं। शहर में भी कुछ मेडिकल स्टोर हैं, जहां चोरी छिपे नशीली दवाओं की बिक्री होती है।
नशीली दवाओं की बिक्री मेडिकल स्टोरों पर पूरी तरह से प्रतिबंधित है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाती है। अभी एक माह पहले जैतीपुर के नवादा गांव में मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई की गई थी। इससे पहले भी कार्रवाई की जा चुकीं हैं।
देशबंधु विमल, ड्रग इंस्पेक्टर