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ससुराल में संदिग्ध हालात में युवती की मौत

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खुटार (शाहजहांपुर)। एक युवती की ससुराल में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतका के पिता का आरोप है कि दहेज को लेकर विवाद के बाद शनिवार सुबह उसे बांधकर गन्ने के खेत में डालने के बाद दामाद और उसके भाई ने पुत्री की हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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खुटार के गांव नवाजपुर निवासी रामपाल ने अपनी 20 वर्षीय पुत्री की शादी खुटार के ही गांव प्रसादपुर गौंटिया निवासी बलवीर के साथ ही थी। बलवीर का मकान जंगल के किनारे गांव से अलग बना हुआ है। रामपाल का आरोप है कि पुत्री की शादी में उसने सामर्थ के अनुसार बाइक सहित दान दिया था, लेकिन दामाद सोने की लर और 50 हजार रुपये की मांग को लेकर पुत्री का उत्पीड़न कर रहा था। पुत्री के बताने पर उसने दामाद को कई बार समझाया लेकिन उसकी मांग जारी रही। 22 अगस्त को दामाद ने पुत्री को दहेज के लिए पीटा तो पुत्री ने उसे जानकारी दी। वह अपनी पत्नी बिंदू देवी के साथ पुत्री के घर गया और दामाद को समझाया। 23 अगस्त को उसकी पत्नी वापस घर लौट गई और वह पुत्री के यहां ही रुक गया।
रामपाल ने बताया कि उसका दामाद अवैध शराब बनाता और बिक्री करता है। दामाद खुद भी शराब का आदी है। शनिवार सुबह दामाद ने पुत्री प्रियंका को दहेज के लिए फिर से पीटना शुरू कर दिया तो उसने दामाद को डांटा। इस पर दामाद और उसके भाई ने उसे बांधकर मकान के पीछे गन्ने के खेत के पास डाल दिया और उसकी पुत्री की हत्या कर दी। बाद में आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को लटका दिया गया और दामाद ने उसके छोटे भाई मोतीलाल की पत्नी मीरा देवी को सूचना दी कि प्रियंका की मौत हो गई है। सूचना पाकर परिवार के कई लोग मौके पर पहुंचे और उसे बंधनमुक्त कराया। उन लोगों को प्रियंका का शव बेड पर पड़ा मिला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। मृतका के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं और गर्दन पर रस्सी का निशान है। थानाध्यक्ष खुटार तेजपाल सिंह ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे तो शव कमरे में पड़ा था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। जांच कर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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खुटार। प्रियंका के भाई 18 वर्षीय दिलीप की बीस दिन पहले एक हादसे में मौत हो गई थी। परिवार के लोग अभी इस दुख से उबर भी नहीं पाए थे कि प्रियंका की भी मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
पिता रामपाल ने बताया कि दिलीप प्रियंका से छोटा था। गरीबी के कारण दिलीप मेहनत मजदूरी कर परिवार के भरण पोषण में हाथ बंटाता था। कुछ दिन पूर्व वह जनपद बहराइच गया था और वहां के फार्मों पर मजदूरी करता था। चार अगस्त को बहराइच के तुलसीपुर चौराहे पर हादसे में उसकी मौत हो गई थी। परिवार के लोग अभी दिलीप के दुख से उबरे भी नहीं हैं कि प्रियंका की हत्या कर दी गई। बीस दिन में भाई और बहन की मौत से परिवार के लोग सदमे में हैं। पिता रामपाल, मां बिंदू देवी सहित परिवार के लोगों का रो रोकर बुरा हाल है।
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