शाहजहांपुर। खुदागंज के गांव सूथा में वर्ष 2016 में पिता और चाचा की हत्या के मामले में चतुर्थ अपर जिला जज किरनपाल सिंह ने आरोपी बेटे को दोष सिद्ध होने पर उम्रकैद की सजा और 22 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
गांव सूथा निवासी विमलेश कुमार ने बताया कि उसका भाई भंवरपाल शराब पीने के लिए पिता राजबहाुदर से रुपये मांगता रहता था। सात अगस्त 2016 को पिता ने रुपये देने से मना कर दिया। इस पर उसने सुबह चार बजे अपने बेटे कमलेश व हरिओम के साथ मिलकर पिता राजबहादुर और चाचा राजपाल पर फायर कर दिया और फिर गला दबाकर उन लोगों ने दोनों की हत्या कर दी। विमलेश की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के उपरांत भंवरपाल के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय भेज दिया, जबकि कमलेश और हरिओम की संलिप्तता नहीं पाई गई। कोर्ट में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान व सरकारी वकील हरिओम शुक्ला ओमी के तर्कों को सुनने के बाद अपर जिला जज ने भंवरपाल को अपने पिता और चाचा की हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद व 22 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।