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Shahjahanpur News: कोर्ट ने सीओ जलालाबाद का मांगा स्पष्टीकरण

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शाहजहांपुर। बगैर दिनांक डाले सूक्ष्म हस्ताक्षर कर आरोपपत्र भेजने पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने सीओ जलालाबाद का स्पष्टीकरण तलब किया है।
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बृहस्पतिवार को अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दिनेश कुमार दिवाकर के समक्ष आए एक मामले में जलालाबाद थाने से अग्रसारित किया गया आरोपपत्र प्रस्तुत किया गया। अदालत ने पाया कि आरोपपत्र पर जलालाबाद के क्षेत्राधिकारी अजय राय के सूक्ष्म हस्ताक्षर हैं और दिनांक व उनका पूरा नाम भी अंकित नहीं है।
अदालत ने कहा कि प्राय: यह देखने में आता है कि आरोपपत्र को अदालत में संबंधित थाने के पैरोकार लेकर आते हैं तो उन्होंने किस अधिकार से थाना जलालाबाद के पैरोकार कांस्टेबल शैलेंद्र सिंह द्वारा आरोपपत्रों को न्यायालय के लिए भेजा। आरोपपत्र अदालत में भेजने का कार्य क्षेत्राधिकारी के पेशी कार्यालय का होता है न कि संबंधित थाने का।
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अदालत ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सीओ पेशी के बाबू द्वारा आरोपपत्र को जिस तरह से उनके समक्ष रखा, उसी तरह से उन्होंने उस पर सूक्ष्म हस्ताक्षर बनाकर कार्य की इतिश्री कर ली। अग्रसारण का मुख्य उद्देश्य मात्र लिपिकीय कार्य न होकर उस पर अपना विधिक मस्तिष्क का प्रयोग किया जाना होता है जिससे यदि विवेचना में कोई त्रुटि हुई हो तो उसको पूरा किया जा सके।
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अदालत ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सीओ जलालाबाद अजय कुमार राय अपने कर्तव्यों के प्रति उदासीन हैं। अदालत ने सीओ को 25 मार्च को अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया कि क्यों न उनके मनमानेपूर्ण अवैधानिक कृत्यों से शासन को अवगत कराया जाए। अदालत ने आदेश की कॉपी एसपी और अपर पुलिस महानिदेशक, बरेली जोन को भेजने का आदेश दिया है।
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