फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दहेज हत्या में पति को उम्रकैद, सास-ससुर को दस वर्ष की सजा

विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर। परौर क्षेत्र के गांव बरखीमई में वर्ष 2015 में दहेज की खातिर विवाहिता की हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर जिला जज कमलापति ने पति को दोष सिद्ध पाए जाने पर उम्रकैद व सास-ससुर को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा व सभी को नौ-नौ हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
विज्ञापन

हरदोई के थाना हरपालपुर क्षेत्र के गांव हरियापुर निवासी धर्मेंद्र ने 20 सितंबर 2015 को पुलिस को दी तहरीर में बताया कि अब से करीब चार वर्ष पहले उसने अपनी बहन रामकांती की शादी परौर के गांव बरखीमई निवासी वेदराम के पुत्र राजेंद्र के साथ की थी। हैसियत के अनुसार दिए गए दहेज से बहन के ससुराल वाले संतुष्ट नहीं थे और दहेज में बाइक, सोने की चेन, अंगूठी की मांग को लेकर बहन को प्रताड़ित करने लगे। आरोप लगाया कि मांग पूरी नहीं होने पर 19 सितंबर 2015 को शाम पांच बजे उसकी बहन की पति राजेंद्र ने ससुर वेदराम, सास कुसुमा देवी, अनिल, मनीष के साथ मिलकर हत्या करने के बाद शव को जला दिया। उसे बेटी की ससुराल के गांव वालों के जरिये सूचना मिली। धर्मेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के उपरांत मामले में राजेंद्र, वेदराम और कुसुमा के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान सरकारी वकील संजय सिंह की ओर से पेश किए गए गवाहों के बयान लेने व बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें