किशोरी से बलात्कार के आरोप से घिरे तिलहर के विधायक रोशन लाल वर्मा क्षेत्र के ग्राम बरैंचा में एक परिवार की 33 बीघा जमीन पर कब्जा कर लेेने के आरोप में फिर चर्चा मेें आ गए हैं। पीड़ित परिवार के दंपति ने इस मामले में कार्रवाई कर जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग करते हुए बुधवार का कलक्ट्रेट में धरना दिया। उनके समर्थन में ग्रामीणों समेत राष्ट्रीय जनक्रांति पार्टी के कार्यकर्ता भी दंपति के साथ बैठे। इस बीच, डीएम के निर्देश पर मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय प्रशासनिक कमेटी गठित कर दी गई है।
गांव बरैंचा निवासी नीरु तिवारी और उनक पति शिवओम तिवारी ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2008 में एक व्यक्ति से 33 बीघा जमीन खरीदकर अपने पक्ष में बैनामा कराया था। बीते वर्ष तक इस जमीन पर उनका कब्जा रहा और वह फसलें लेते रहे, लेकिन गत वर्ष दिसंबर में विधायक ने जमीन पर बोई कुम्हेड़ा की फसल अवैध तरीके से काटकर जमीन पर कब्जा कर लिया। विरोध करने पर विधायक ने गालियां बकते हुए पूर परिवार को जान से मारने की धमकी दी। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने जाने पर पुलिस ने विधायक का पक्ष लेते हुए भगा दिया।
शिवओम के अनुसार गत छह माह के दौरान इस प्रकरण में शासन-प्रशासन स्तर पर कई बार प्रार्थना पत्र देने पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस बीच, तीन बार जमीन की नाप की गई, लेकिन इसका भी कोई नतीजा नहीं निकला। इस मामले में विधायक का पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन उनका मोबाइल स्विच था। चूंकि मामला विधायक से जुड़ा है, इसलिए प्रशासन भी फूंक-फूंककर कदम रख रहा है। एसडीएम सदर रामजी मिश्रा के अनुसार सदर और तिलहर के तहसीलदार इस प्रकरण की संयुक्त जांच कर आगे की कार्रवाई करेंगे। धरना में राष्ट्रीय जनक्रांति पार्टी के जिला महासचिव अच्छन खां, फुरकान, रमेश चंद्र, शिव कुमार, अवनीश, नीरज आदि शामिल रहे।